यूपीए का अध्यक्ष बनने में कोई दिलचस्पी नहीं, भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश करूंगा- शरद पवार
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) का अध्यक्ष बनने की अटकलों को विराम देते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वह भाजपा से लड़ने के लिए पार्टियों को एकजुट करने में मदद करेंगे, लेकिन....
नई दिल्ली, 3 अप्रैल। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) का अध्यक्ष बनने की अटकलों को विराम देते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि वह भाजपा से लड़ने के लिए पार्टियों को एकजुट करने में मदद करेंगे, लेकिन साल 2024 में भाजपा विरोधी गुट का नेतृत्व नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हाल ही में हमारी पार्टी (एनसीपी) के कुछ युवा कार्यकर्ताओं ने एक प्रस्ताव पारित कर मुझे यूपीए का अध्यक्ष बनने के लिए कहा, लेकिन मुझे उस पद में जरा भी दिलचस्पी नहीं है। मैं इसमें नहीं पड़ने वाला। मैं उस जिम्मेदारी को नहीं लूंगा।

महागठबंधन को मजबूती देने को तैयार हूं
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इसी के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भाजपा का कोई विकल्प देने की कोशिश की जाती है तो मैं उस गुट को समर्थन और मजबूती देने के लिए तैयार हूं। बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत व कई विपक्षी नेता लंबे समय से शरद पवार को यूपीए का अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शरद पवार के साथ एक बैठक में कथित तौर पर कहा था कि उन्हें यूपीए का नेतृत्व करने के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि वह एक वरिष्ठ नेता हैं जिनके पास सबसे ज्यादा समझ और अनुभव है। उन्होंने गैर भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी मुलाकात की और भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाने का आह्वान किया।
विपक्ष क्यों कर रहा शरद के यूपीए अध्यक्ष बनने की मांग
बता दें कि शरद पवार ने धुर विरोधी कांग्रेस और शिवसेना को महाराष्ट्र में एक साथ लाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। विपक्ष को संदेह है कि सोनिया गांधी भाजपा विरोधी गुट का कुशल नेतृत्व नहीं कर सकेंगी।
यही वजह है कि विपक्ष शरद पवार को यूपीए प्रमुख बनाने की मांग कर रहा है।
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कांग्रेस को नकारा नहीं जा सकता
शरद पवार ने कहा कि यदि विपक्षी मोर्चा बनता है तो वह कांग्रेस को बाहर नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि देश के हर गांव, जिले और राज्य में आपको कांग्रेस के कार्यकर्ता मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की व्यापक उपस्थिति को देखते हुए इस गुट में कांग्रेस को भी शामिल किया जाना चाहिए।
उम्मीद है हमारे देश में कभी पुतिन नहीं होंगे
देश में मजबूत विपक्ष की जरूरत को रेखांकित करते हुए पवार ने कहा कि अगर एक ही पार्टी मजबूत होगी तो वह पुतिन की तरह हो जाएगी। उन्होंने और चीनी राष्ट्रपति ने मरने तक अपने देशों का नेतृत्व करने का संकल्प लिया है। मुझे उम्मीद है कि भारत के पास कभी पुतिन नहीं होंगे।












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