उत्तर भारत में हीटवेव का कहर, IMD ने फिर जारी किया रेड अलर्ट, जानें गर्मी में खुद को कैसे रखें सुरक्षित?
North India Heatwave Alert: राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हीटवेव (लू) के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक इन क्षेत्रों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा।
दिल्ली में कुछ इलाकों में तापमान 45.5 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे गर्मी का कहर साफ देखा जा सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने 13 जून की रात या 14 जून से मौसम में कुछ बदलाव की उम्मीद जताई है, जब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते हल्की बारिश और आंधी आ सकती है।

What is red alert: रेड अलर्ट का मतलब क्या है?
रेड अलर्ट का अर्थ होता है कि मौसम की स्थिति गंभीर है और गर्मी से संबंधित बीमारियों का खतरा सभी आयु वर्गों में अधिक है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बीमार व्यक्ति इस लू के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों को सावधानी बरतने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।
What to do to avoid a heatwave? गर्मी से बचाव के क्या हैं उपाय (Do's):
- ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ पिएं, जैसे नारियल पानी, ओआरएस (ORS), शिकंजी, छाछ आदि।
- हल्के रंग के सूती, ढीले और हवादार कपड़े पहनें।
- आंखो को प्रोटेक्ट करने के लिए धूप में निकलने से पहले काला चश्मा पहनें।
- घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग करें।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें।
- सिर को टोपी, गमछा या छाते से ढकें।
- ठंडी जगहों में रहें - पंखा, कूलर या AC का उपयोग करें।
- बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों पर विशेष ध्यान रखें।
- हल्का और ताजा भोजन करें, जो पचने में आसान हो।
गर्मी में क्या न करें (Don'ts):
- कैफीन वाले पदार्थों जैसे चाय, कॉपी या अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों से बचें।
- तैलीय और भारी भोजन न करें।
- तेज धूप में व्यायाम या श्रम कार्य से बचें।
- सिंथेटिक या टाइट कपड़े न पहनें जो पसीना नहीं सोखते।
लू (Heatwave) के स्वास्थ्य पर प्रभाव और लक्षण:
हीटवेव केवल तापमान नहीं बढ़ाती, बल्कि यह शरीर पर भी गंभीर रुप से प्रभाव डाल सकती है। इसके कारण निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
हीट क्रैम्प्स (Heat Cramps):
किसी व्यक्ति में हीट क्रैम्प्स के ये लक्षण होते हैं..
- हाथ-पैरों में ऐंठन
- हल्की सूजन (Edema)
- चक्कर आना या बेहोशी (Syncope)
- शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक (39°C तक)
हीट एक्सहॉशन (Heat Exhaustion):
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- सिरदर्द, चक्कर, मतली, उल्टी
- मांसपेशियों में खिंचाव
- अत्यधिक पसीना आना
हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) - जानलेवा स्थिति:
- शरीर का तापमान 40°C (104°F) या उससे अधिक
- भ्रम, उलझन, बोलने में दिक्कत
- सूखी त्वचा और तेज़ नब्ज
- मिर्गी के दौरे या बेहोशी
यदि किसी व्यक्ति में ये सभी लक्षणों में से कुछ भी दिखाई दें तो तुरंत छाया में ले जाकर ठंडे पानी से शरीर पोंछें और अस्पताल ले जाएं। यह आपात स्थिति हो सकती है।
लोगों से अपील
उत्तर भारत में लू की स्थिति अब खतरनाक रूप ले रही है। आमजन से अपील है कि वे अगले दो दिन विशेष सतर्कता बरतें। गर्मी से राहत 13 जून से मिलने की संभावना है, जब नमी वाली हवाएं बारिश और आंधी लेकर आएंगी। इस बीच सावधानी और सजगता ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और लापरवाही न बरतें।












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