केरल: 2 बच्चों में नोरोवायरस की पुष्टि, अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
त्रिचरापल्ली, 06 जून। केरल में नोरोवायरस के दो मामलों की पुष्टि हुई है। केरल सरकार की ओर से इस बाबत जानकारी दी गई है कि काफी तेजी से फैलने वाला यह वायरस केरल में दो छात्रों में पाया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इसकी रोकधाम के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसा मानना है कि यह संक्रमण गंदे पानी और खाना से फैलता है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने लोगों से अपील की है कि वह सफाई का विशेष खयाल रखें। नोरोवायरस संक्रमण दो बच्चों में पाया गया है, उनकी हालत स्थिर है। फिलहाल इस समय चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन हर किसी को सावधान रहने की जरूरत है और सफाई का विशेष ध्यान रखन चाहिए।
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दरअसल शनिवार को केरल के अल्पुज्जा जिले के कायामकुलम प्राइमरी स्कूल में 8 बच्चों की तबीयत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बच्चों ने बासी खाने की शिकायत के चलते तबीयत खराब होने की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो बच्चों में नोरोवायरस संक्रमण पाया गया। बच्चों के सैंपल जांच के लिए सरकारी लैब में भेजे गए थे। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार वायरस का इलाज किया जा सकता है और इसे फैलने से भी रोका जा सकता है।
बता दें कि नोरोवायरस से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी जन्म लेती है, जिससे पेट और आंत में सूजन आती है और गंभीर रूप से उल्टी व दस्त आने लगती है। यह वायरस स्वस्थ्य लोगों को भी संक्रमित कर सकता है। यह छोटे बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा गंभीर हो सकता है। यह वायरस लोगों के करीब आने से उन्हें छूने से फैलता है। जिस व्यक्ति के पेट के भीतर कीड़े हैं उसके भीतर यह संक्रमण आ सकता है। रिपोर्ट की मानें तो यह संक्रमण मल व उल्टी से भी फैलता है।












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