तेलंगाना: महिलाएं नहीं बनना चाहती बस ड्राइवर
नयी दिल्ली। भारत के सबसे नए राज्य तेलंगाना की वी सरिता तो याद होगी, जिन्होंने दिल्ली परिवहन निगम की पहली महिला बस ड्राइवर बनकर सबको चौंका दिया, लेकिन आपको जानकर ताजु्जुव होगा की सरिता के राज्य में महिलाएं बस ड्राइवर नहीं बनना चाहती।

जी हां तेलंगाना की महिलाएं बस की ड्राइविंग सीट पर बैठने में कोई दिलचस्पी नहीं रखती। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब 2012-13 में आंध्र प्रदेश स्टेट रो़ड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने महिलाओं को इस पेशे की ओर आकर्षित करने के लिए खास भर्ती योजना निकाली। महिलाओं के लिए बस ड्राइवर के 11,280 पदों पर नौकरी निकाली गई। केवल तेलंगाना में 4,523 पदों पर महिला ड्राइवरों के लिए वैकेंसी निकली, लेकिन आपको बता दें कि लेकिन अभी तक एक भी महिला ने इन पदों पर आवेदन नहीं किया है।
अधिकारियों के मुताबिक महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये आवेदन जारी किए थे, लेकिन दुर्भाग्य से महिलाएं इसके लिए आगे नहीं आईं। ऐसे में विभाग ने तय कि जब लंबे इंतजार के बाद भी महिलाओं ने आवेदन नहीं किए तो इन पदों पर पुरुषों की भर्ती कर दी गई।












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