'गुलाबी गैंग' से बर्खास्त संपत को कांग्रेस ने नहीं दिया टिकट
इसे कहते हैं सिर मुंड़ाते ही ओले पड़ना... जो 'गुलाबी गैंग' की लीडर संपत पाल के साथ हुआ है। मोहतरमा ने जरा अपनी जुबान ही क्या खोली कि लोग बुरी तरह से उनके खिलाफ हो गये।
अब आप सोच रहे होंगे कि हम ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं तो सुनिए यह बातें इसलिए हो रही हैं क्योंकि जैसे ही बुंदेलखंड के दबंग महिला संगठन ने संपत पाल को 'गुलाबी गैंग' की कमांडर पद से बर्खास्त किया वैसे ही कांग्रेस पार्टी, जिसने संपत पाल को लोकसभा टिकट देने का वादा किया था, ने भी उनसे कन्नी काट ली और बांदा सीट से संपत के बजाय विधायक विवेक सिंह को लोकसभा का टिकट थमा दिया है।
'गुलाब गैंग' करने की एकमात्र वजह सिर्फ और सिर्फ माधुरी: जूही चावला
पिछले दिनों संपत पाल ने फिल्म मेकर सौमिक सेन को कोर्ट घसीटने की वजह से चर्चा में थीं। संपत पाल ने कहा था कि सौमिक सेन की फिल्म 'गुलाब गैंग' उनके 'गुलाबी गैंग' पर बनी है। फिलहाल कुछ उतार-चढाव के बाद मामले को सुलझा लिया गया और फिल्म 'गुलाब गैंग' रिलीज हो गयी।
संपत पाल और 'गुलाबी गैंग' की लोकप्रियता देखते हुए ही विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गैंग की कमांडर रहीं संपत पाल को मऊ-मानिकपुर सीट से बिन मांगे टिकट दे दिया था।
लोकसभा चुनाव में भी संपत बांदा लोकसभा सीट से टिकट की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन इसी बीच गुलाबी गैंग की महिलाओं ने 2 मार्च को हुई आमसभा की बैठक में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। संपत की बर्खास्तगी का सीधा असर यह हुआ कि कांग्रेस ने संपत से किनारा कर बांदा सीट से अपने सदर विधायक विवेक सिंह को टिकट थमा दिया।
आगे की खबर स्लाइडों में....

संपत पाल का टिकट कटा...
अब तक कांग्रेस के प्रदेश सचिव साकेत बिहारी मिश्र का दावा था कि बांदा सीट से संपत पाल का टिकट लगभग तय है। लेकिन शनिवार को 149 उम्मीदवारों की सूची में बांदा सदर से विधायक विवेक सिंह का नाम देखकर उनका भी स्वर बदल गया।

हाई कमान ने जो फैसला लिया है, वह सही है
साकेत बिहारी ने रविवार को कहा, "पार्टी हाई कमान ने जो फैसला लिया है, वह सही है।" वह कहते हैं कि गुलाबी गैंग से बर्खास्तगी की वजह से संपत का टिकट कटा है।

मीडिया की वजह से मेरा टिकट कटा....
इधर संपत भी टिकट न मिलने से बौखलाई हुई हैं। उनसे जब इस मसले पर बात की गई तो वह उखड़ गईं और बोलीं, "मीडिया ने भी मेरे विरोधी गुट से हाथ मिला लिया था, मीडिया की खबरों की वजह से मेरा टिकट कटा है।"

जयप्रकाश शिवहरे के इशारे पर हुआ...
संपत यह भी कहती हैं कि अपने को गैंग का संयोजक बताने वाले जयप्रकाश शिवहरे ने कभी उनके साथ काम नहीं किया और झूठी शोहरत हासिल करने के लिए आमसभा की कथित बैठक में उनकी बर्खास्तगी करवाई है।

संपत खुदगर्ज महिला हैं...
'गुलाबी गैंग' के संयोजक जयप्रकाश शिवहरे का कहना है, "संपत खुदगर्ज महिला हैं और झूठ बहुत बोलती हैं।"












Click it and Unblock the Notifications