MV Act तोड़ने पर यहां जुर्माना नहीं लेगी पुलिस, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएगी और फ्री हेलमेट भी देगी

नई दिल्ली- नए मोटर व्हीकल कानून को लेकर भारी जुर्माना वसूली अभी देश में एक हॉट टॉपिक है। कई राज्यों ने नए कानून के तहत कुछ जुर्माना राशि को या तो बहुत कम कर दिया है या कुछ राज्यों ने तो इसे लागू ही नहीं करने की बात कह दी है। इन्हीं सरकारों में तेलंगाना की के चंद्रशेखर राव की भी सरकार है, जिन्होंने कह दिया है कि उनके राज्य में संशोधित मोटर वाहन कानून लागू नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से नए कानून का विरोध देखकर हैदराबाद की रजाकोंडा पुलिस तो और कई कदम आगे बढ़ गई है। उसने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से जुर्माना लेने की बजाय उनकी हर संभव मदद करने का फैसला किया है। यहां की पुलिस अब लोगों को मुफ्त में हेलमेट दे रही है और जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं हैं, उनके लिए मौके पर ही लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। इसके अलावा पुलिस लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन के फायदे भी गिना रही है।

नियम तोड़ो मुफ्त में हेलमेट ले जाओ

नियम तोड़ो मुफ्त में हेलमेट ले जाओ

हैदराबाद की रजाकोंडा पुलिस ने रविवार से एक स्पेशल मुहिम शुरू की है, जिसके तहत उसने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की सहायता करने का फैसला किया है। अपनी इस मुहिम के तहत वहां की पुलिस जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं है, उन्हें मुफ्त में ही हेलमेट दे रही है। इसके अलावा जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, उनके लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया भी वहीं पर शुरू की जा रही है। यह व्यवस्था ज्यादातर चीजों के लिए की गई है। मसलन वाहनों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस कवर भी ऑन द स्पॉट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस मुहिम के तहत अकेले रविवार को ही ऐसे 260 बाइक वाले में मिले जो बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल चला रहे थे। पुलिस ने उन्हें ट्रैफिक नियमों के बारे में जानकारी भी दी और एक मुफ्त का हेलमेट देकर विदा किया।

जुर्माना नहीं जागरुरता बढ़ाने पर जोर

जुर्माना नहीं जागरुरता बढ़ाने पर जोर

बाद में मीडिया वालों को रजाकोंडा के पुलिस कमिश्नर महेश भागवत ने बताया कि इस मुहिम के जरिए वे लोग वाहन मालिकों को जागरूक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि भारी जुर्माना भरने की बजाय हेलमेट खरीदकर गाड़ी चलाना ज्यादा अच्छा है। उन्हें यह कहा जा रहा है कि आईएसआई सर्टिफाइड बढ़िया से बढ़िया हेलमेट भी महज 800 रुपये में उपलब्ध है, जबकि इसके नहीं पहनने पर जुर्माना 1,000 रुपये है। इसलिए वाहन चलाने वाले जुर्माना भरने की बजाय हेलमेट पहनकर ही बाइक चलाएं। इसी तरह पीयूसी सर्टिफिकेट लगभग 50 रुपये में हासिल किया जा सकता है, जबकि नए मोटर व्हीकल कानून के तहत इसके नहीं रहने पर जुर्माना 10,000 रुपये निर्धारित है। इसलिए रजाकोंडा पुलिस लोगों को समझा रही है कि जुर्माना क्यों देना, जबकि उससे बहुत ही कम पैसे में वे अपने सारे पेपर पूरे कर सकते हैं और हेलमेट पहनकर सुरक्षित वाहन भी चला सकते हैं।

गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश

गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश

पुलिस उपायुक्त (यातायात) एन. दिव्यचरण राव ने कहा कि कुछ लोगों को यातायात चालान को लेकर भी भारी गलतफहमी है। वे लोग इस मुहिम के तहत उनकी इन दुविधाओं को भी दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ट्रैफिक नियमों की पूरी जानकारी भी दी जा रही है और बताया जा रहा है कि इसका पालन करना खुद उन्हीं के लिए अच्छा है। अब बड़ा सवाल है कि भारी जुर्माने के बावजूद जिस तरह से लोग ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से बाज नहीं आ रहे हैं, हैदराबाद पुलिस की इस गांधीगिरी का उनपर कितना असर पड़ता है।

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