रेलवे भी नहीं जानती पीएम मोदी ने कब बेची थी स्टेशन पर चाय?
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनाव प्रचार के दौरान कई बार अपने भाषणों में बोलते आएं कि उनका बचपन गरीबी में बीता, वो रेलगाड़ियों में चाय बेचते थे। लोगों ने पीएम मोदी की इस बात को लेकर उन्हें सहानभूति भी दी, लेकिन रेलवे के पास इस बात को कोई रिकॉर्ड नहीं है कि मोदी ने रेलवे स्टेशनों पर चाय बेची थी।
दरअसल एक आरटीआई अर्जी से इस बात का खुलासा हुआ है कि रेलवे के पास इस बात का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है कि पीएम मोदी ने रेलवे स्टेशनों पर चाय बेची थी। कांग्रेस नेता तहसीम पूनावाला ने आईटीआई के जरिए रेलवे से इस बात की जानकारी मांगी थी कि क्या नरेन्द्र मोदी ने कभी रेलवे स्टेशनों पर कभी चाय बेची थी। इस आरटीआई के जवाब में रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रेलवे बोर्ड के पास ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जिससे यह पता चले कि नरेंद्र मोदी को कभी भी किसी स्टेशन या ट्रेन में चाय बेचने का पास जारी किया गया था।

20 अगस्त 2014 को रेल मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया कि मोदी के चाय बेचने संबंधी कोई दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। आपको बता दें कि रेलवे में किसी भी तरह की वेंडरिंग के लिए वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने होते है। रेलवे स्टेशनों या ट्रेन में चाय बेचने वाले से लेकर कुली तक सिर्फ अधिकृत व्यक्ति ही रेलवे में काम कर सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति बिना संबंधित अनुमति के रेलवे में सामान बेचता है तो इसे अपराध माना जाता है।
ऐसे में अब सवाल ये कि क्या पीएम मोदी के पिता या फिर पीएम मोदी ने चाय बेचने को लेकर रेलवे को जानकारी मुहैया नहीं कराई थी? क्या मोदी के पिता या पीएम मोदी अवैध तरीके से रेलवे स्टेशनों पर चाय बेचा करते थे, या फिर रेलवे के पास ये जानकारी ही नहीं है।ऐसे में मोदी के चाय बेचने वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने निशाने पर ले लिया है।












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