मोदी की कैबिनेट से कटा इनका पत्ता, आड़े आ गई उम्र
नयी दिल्ली। नरेन्द्र मोदी आज प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। उनके साथ कैबिनेट मंत्री भी पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। मोदी ने अपनी टीम तैयार कर ली है। अपनी टीम मोदी ने अप नी स्वेच्छा से किया है। उनकी टीम में जहां राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, सबसे पुराने सहयोगी शिवसेना के सांसद समेत 40 लोग शामिल है तो वहीं कई वरिष्ठ नेताओं का पत्ता भी साफ हो गया हैं।
मोदी की कैबिनेट में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, लालकृष्ण आडवाणी, बीसी खंडूरी, राजीव प्रताप रुडी, शांता कुमार आदि का नाम शामिल नहीं किया है। नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में जोशी को शामिल नहीं किया जाएगा। जोशी के मंत्री बनने में उम्र आड़े आ गई। दरअसल मोदी ने कैबिनेट के लिए फॉर्मूला बनाया था। इसमें कहा गया था कि 75 साल से अधिक उम्र वालों को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। तस्वीरों में देखिए मोदी की कैबिनेट में किन-किन को जगह नहीं मिली।

टीम मोदी में नहीं मिलसी जगह
मोदी की टीम में मंत्रियों के चयन में उम्र की कैटगिरी रखी गई है। उम्र के कारण ही मोदी ने कैबिनेट में मुरली मनोहर जोशी को जगह नहीं दी। जोशी 80 साल के हैं। जोशी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री थे।

टीम मोदी में आडवाणी को जगह नहीं
मोदी ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को अपनी कैबिनेट में जगह नहीं दी हैं। आडवाणी की वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें लोकसभा अध्यक्ष बनाने की बात चल रही हैं।

आड़े आई उम्र
नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह उन्हीं नेताओं को चाय पर बुलाया था जो मंत्री बनने वाले थे। जोशी के करीबी सूत्रों ने बताया कि मंत्री बनाना या नहीं बनाना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। मोदी ने उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता बीसी खंडूरी को भी अपनी कैबिनेट में जगह नहीं दी है।

वरिष्ठ नेता मंत्री पद की दौड़ से बाहर
लालकृष्ण आडवाणी,बीसी खंडूरी और शांता कुमार ऐसे नेता है जो अपनी उम्र के कारण एनडीए की सरार में कैबिनेट मंत्री की जगह नहीं पा सके। लालकृष्ण आडवाणी उप प्रधानमंत्री रह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक 75 से अधिक उम्र वाले नेताओं को बता दिया गया है कि वे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की उम्मीद ना रखें।

75 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को जगह नहीं
सूत्रों के मुताबिक नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में ऐसे लोगों को शामिल करना चाहते हैं, जिनकी उम्र 75 साल से ज्यादा न हो। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि मोदी चाहते हैं कि उनकी कैबिनेट में शामिल व्यक्ति रोजाना 18 घंटे काम करे। अगर यह नियम लागू हुआ तो लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गजों का पत्ता कटना तय है। आडवाणी की उम्र 87 और जोशी की आयु 80 साल है।

मंत्रियों का हुआ चयन
मोदी एनडीए के उन सांसदों का बायोडाटा बड़ी बारीकी से देख रहे हैं, जिन्हें मंत्री बनाया जाना है। मोदी की मदद एक्सपर्ट टीम कर रही है। मोदी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनकी कैबिनेट में शामिल मंत्री ऐसे कारोबार में न हों, जिसके चलते उनके संभावित मंत्रालय के हितों के टकराव हों।

कैबिनेट में जगह नहीं
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजीव प्रताप रुडी को भी मोदी ने अप नी कैबिनेट में जगह हीं दी है। उन्हें पार्टी के कामों में लगाया जा रहा हैं।












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