कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच संकट में बेंगलुरू के लोग, होम आइसोलेशन में नहीं मिल रही किसी भी तरह की मदद
बेंगलुरू। कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। हर राज्य में अब कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। संक्रमण को नियंत्रित करने के साथ मरीजों को समय रहते उपचार उपलब्ध कराना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। कर्नाटक का भी यही हाल है। बीते 24 घंटे में कर्नाटक में 14,738 नए मरीज सामने आए हैं। सबसे बुरा हाल बेंगलुरू का है। शहर में कोरोना के 80 फीसदी से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में हैं। इसके बावजूद भी उन्हें नगर निगम के अधिकारियों से मदद और उनका मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है।

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शुरू में जब मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए तो ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिक (बीबीएमपी) की तरफ से उन्हे बार-बार कॉल कर उनकी हालत के बारे में पूछा गया लेकिन उसके बाद ये कम होता गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु शहरी में 63,167 सक्रिय मामले हैं। इसी समय, अधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि होम आइसोलेशन के चलते पूरा का पूरा परिवार पॉजिटिव हो रहा है। राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) जावेद अख्तर ने कहा कि बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक हर कोई संक्रमित हो रहा है।
बीते 12 अप्रैल को 32 वर्षीय एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव हुए थे। वो होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि बीबीएमपी और आपथमित्रा के कर्मचारियों के अब तक 20 से अधिक कॉल प्राप्त करने के बावजूद, इस बीमारी के प्रबंधन के बारे में वास्तविक मार्गदर्शन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी कॉल करने वाले मेरे घर का पता और फोन नंबर की जानकारी ली। कुछ ने कहा कि दवाइयों, सुरक्षात्मक उपकरणों और एक पल्स ऑक्सीमीटर सहित मेरे घर में एक आइसोलेशन किट भेजेंगे। लेकिन कभी किट नहीं भेजा गया। इतना ही नहीं और बीबीएमपी द्वारा अब तक कोई दौरा नहीं किया गया है।
आपको बता दें कि बीबीएमपी के आंकड़ों के अनुसार शहर में 26 हजार से ज्यादा लोग होम आइसोलेशन में हैं। 3,877 मरीज निजी व 1,071 मरीज सरकारी अस्पतालों में भर्ती हैं। 1,071 मरीजों को कोविड देखभाल केंद्रों (सीसीसी) में रखा गया है।












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