बलूच नेता बुगती को भारत में शरण देने पर नहीं किया गया है कोई फैसला
नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को उन खबरों से इंकार कर दिया है जिसमें बलूचिस्तान के निर्वासित नेता ब्रह्मदाग बुगती को देश में शरण देने का कोई कदम उठाने की तैयारी में है। बलूच नेता बुगती एक वांटेड नेता हैं और पाकिस्तान की मीडिया में खबरें थीं कि बुगती ने भारतीय पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया है।

सरकार का अभी कोई इरादा नहीं
सरकार के एक शीर्ष अधिकारी की ओर से कहा गया है कि फिलहाल सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। स्विटजरलैंड में दिए अपने एक इंटरव्यू में बुगती ने कहा था कि उन्होंने अभी तक भारत की सरकार के पास शरण के लिए कोई औपचारिक अनुरोध नहीं भेजा है। बुगती आजकल स्विट्जरलैंड में ही रह रहे हैं।
भारत आना पसंद करेंगे बुगती
न्यूजएजेंसी एएनआई को दी जानकारी में उन्होंने कहा कि अभी वह वहीं हैं लेकिन सफर को लेकर उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में अगर उन्हें भारत का विकल्प मिला तो वह जरूर भारत जाना पसंद करेंगे। बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान और अफगानिस्तान में रह रहे बलूच लोग काफी मुश्किल परिस्थितियों में हैं।
बलूचिस्तान के लोगों के लिए खोलें दरवाजे
सिर्फ कुछ ही लोग हैं जो यूरोप आने में समर्थ हुए हैं और बाकी लोग वहीं हैं। ऐसे में हम चाहते हैं कि भारत की सरकार उन लोगों के लिए अपने दरवाजे खोले और बुगती समेत बलूचिस्तान के लोगों को देश आने दे।
बुगती ने जानकारी दी कि 10 सितंबर को एक मीटिंग होने वाली है और इसमें ही कोई फैसला लिया जाएगा के पाक सेना के ऑफिसर्स के खिलाफ कब केस फाइल करने हैं।
बुगती के मुताबिक परवेज मुशर्रफ और अशफाक कियानी जैसे लोग बलूचिस्तान की महिलाओं और यहां के बच्चों की हत्या में शामिल हैं।
क्यों चाहिए भारत में शरण
इस मीटिंग में ही कोई फैसला लिया जाएगा। जब उनके पूछा गया कि वह भारत में शरण क्यों चाहते हैं तो उन्होंने जवाब दिया कि भारत एक पड़ोसी देश है।
यूरोप में सरकार और अप्रवासन विभाग उनकी मुश्किलें जानता है लेकिन लोग इससे वाकिफ नहीं हैं। भारत में लोगों को उनकी समस्या के बारे में मालूम है और बलूचिस्तान के लोगों को उनका समर्थन चाहिए।
रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी में पाक
पाकिस्तान बुगती और बलूचिस्तान के बाकी नेताओं के खिलाफ एक रेड कॉर्नर इंटरपोल नोटिस लाना चाहता है जो यूरोप में बसे हैं।
पाक मीडिया के मुताबिक बलूच नेताओं की एक लिस्ट तैयार की जा रही है जिसमें उन नेताओं के नाम हैं जिन्हें पाकिस्तान, देश वापस लाना चाहता है।











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