संसद टीवी ने राहुल को 40% समय से भी कम दिखाया, कांग्रेस का आरोप, पल-पल का दिया हिसाब
कांग्रेस पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान संसद टीवी पर पार्टी सांसद राहुल गांधी की कवरेज में भेदभाव का आरोप लगाया है। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने उनके भाषण के समय का ब्योरा दिया है और यह बताने की कोशिश की है कि उनके नेता को किस तरह से स्क्रीन पर आने से रोकने की कोशिश की गई है।
कांग्रेस का आरोप है कि जब राहुल गांधी अविश्वास प्रस्ताव पर भाषण दे रहे थे तो पूरे समय में से संसद टीवी ने उनपर 40 फीसदी से भी कम समय फोकस किया। गौरतलब है कि राहुल सदस्यता वापसी के बाद इस मसले पर पार्टी का पक्ष रख रहे थे।

राहुल को संसद टीवी पर ठीक से कवरेज नहीं देने का आरोप
जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने 37 मिनट तक भाषण दिया। जबकि, संसद टीवी के कैमरों ने उनपर सिर्फ 14 मिनट और 37 सेकंड तक ही फोकस किया। जयराम रमेश ने अपने ट्विटर हैंडल पर उनके भाषण का समय और संसद टीवी के स्क्रीन पर उन्हें दिखाए जाने का पूरा हिसाब दिया है।
कांग्रेस नेता ने यहां तक आरोप लगाया है कि जब लोकसभा में राहुल मणिपुर के मसले पर बोल रहे थे तो अधिकतर समय संसद टीवी के कैमरों का फोकस उनपर नहीं था। इस दौरान कैमरे का फोकस 71% समय लोकसभा के स्पीकर पर था।
मोदी जी को डर किस बात का है-जयराम रमेश
जयराम ने ट्विटर जो कि अब X हो गया है, उसपर लिखा है, 'अन्यायपूर्ण अयोग्यता से वापस आने के बाद अपने पहले भाषण में राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दोपहर 12:09 बजे से लेकर 12:46 बजे तक यानी कि 37 मिनट तक भाषण दिया। इसमें से संसद टीवी के कैमरे ने उनको महज 14 मिनट 37 सेकंड तक दिखाया। यह 40% से भी कम स्क्रीन समय है! मोदी जी को डर किस बात का है।'
मणिपुर पर भाषण के दौरान 71% समय फोकस स्पीकर पर था- कांग्रेस
उन्होंने एक और पोस्ट में आरोप लगाया है कि जब राहुल मणिपुर पर बोलने लगे तो 'यह और खराब हो गया।' उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने मणिपुर पर 15 मिनट 42 सेकंड तक बोला। इस दौरान संसद टीवी के कैमरे ने 11 मिनट 8 सेकंट तक स्पीकर ओम बिड़ला पर फोकस किया यानी कि 71% समय। राहुल गांधी जब मणिपुर पर बोल रहे थे तो संसद टीवी ने उन्हें वीडियो में सिर्फ 4 मिनट और 34 सेकंड दिखाया।'
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान मोदी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर हमला बोला है। बीजेपी और सरकार की ओर से उनपर ट्रेजरी बेंच की महिला सांसदों की ओर फ्लाइंग किस देने की अभद्रता करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।












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