Video: कंगना के 'आजादी' वाले बयान पर CM नीतीश कुमार बोले, 'मजाक उड़ाना चाहिए, ये सब फालतू बयान...'
Video: कंगना के 'आजादी' वाले बयान पर CM नीतीश कुमार बोले, 'मजाक उड़ाना चाहिए, ये सब फालतू बयान...'
पटना, 14 नवंबर: बिहार के सीएम और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत के 'भीख वाली आजादी' के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि अभिनेत्री कंगना के ऐसे बयान का मजाक उड़ाया जाना चाहिए, ये सब फालतू बयान है। नीतीश कुमार ने कहा कि इस तरह के बयान को अनदेखा कर देना चाहिए। कंगना रनौत ने एक मीडिया कार्यक्रम में कहा है कि साल 1947 में देश को मिली आजादी भीख में मिली थी, असली मायने में आजादी तो 2014 में मिली थी। कंगना रनौत अपने इस बयान को लेकर इन दिनों विवादों में घिरी हुई हैं। कई विपक्षी नेताओं ने कहा है कि इस बयान के लिए कंगना रनौत से उनका राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री वापस ले लेना चाहिए।

कौन नहीं जानता कि हमें कब आजादी मिली: नीतीश कुमार
कंगना रनौत के 'आजादी भीख' वाले बयान पर जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ''कोई इसे कैसे प्रकाशित कर सकता है। इसका क्या मतलब है? क्या हमें इस पर भी ध्यान देना चाहिए। क्या इस बयान में ऐसी कोई भी बात है, जिसपर गौर करना चाहिए। कौन नहीं जानता कि हमें कब आजादी मिली।''

नीतीश कुमार बोले- 'इस तरह के बयान का मजाक उड़ाया जाना चाहिए...'
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे कहा,''इस तरह के बयानों को जीरो इर्म्पोटेंस दी जानी चाहिए। असल में हमें इस तरह के बयानों का मजाक उड़ाया जाना चाहिए। ये लोग प्रचार हासिल करने के लिए ऐसी बातें करते हैं। ये सब फालतू बयानबाजी है। मैं ऐसे लोगों पर ध्यान नहीं देता। मेरा ध्यान इन चीजों पर नहीं रहता।''

BJP नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा- आजादी पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करना ठीक नहीं
कंगना रनौत के बयान पर कई बीजेपी नेता भी आपत्ति जता चुके हैं। भाजपा उत्तर प्रदेश इकाई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने शनिवार (13 नवंबर) को कहा था कि वह कंगना रनौत के बयान से बिल्कुल भी सहमत नहीं है।
लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा था, ''मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि हजारों बलिदानों के बाद देश को 1947 में आजादी मिली थी। ऐसे में किसी को भी ये हक नहीं है कि वो आजादी पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करें। हालांकि इसमें किसी को भी दो राय नहीं है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में कई व्यापक सुधार हुए हैं। लेकिन इसके लिए किसी भी कीमत पर स्वतंत्रता संग्राम में लोगों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है।''

देशद्रोह लगाकर कंगना की गिरफ्तारी की हो रही मांग
कंगना रनौत ने हाल में ही एक मीडिया कार्यक्रम में कहा, 1947 में जो भारत को आजादी मिली थी, वो आजादी मांगी हुई, भीख में मिली आजादी थी। असल मायने में हमें आजादी 2014 में मिली है। कंगना के इस बयान के बाद कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने मांग की है कि कंगना रनौत पर देशद्रोह का मुकदमा लगाया जाना चाहिए और उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। हालांकि कंगना ने आलोचनाओं के बाद कहा, अगर कोई उन्हें बता दे कि 1947 में आजादी के लिए कौन सी जंग लड़ी गई थी तो वह पद्मश्री भी लौटा देंगी और माफी भी मांग लेंगी।












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