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निर्भया केस: अब दोषियों के परिजनों ने लिखी राष्ट्रपति को चिट्ठी, अपने लिए मांगी इच्छा मृत्यु

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नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के चारों दोषियों की फांसी की तारीख नजदीक आ रही है। अगर कोई कानूनी अड़चन नहीं आई तो 20 मार्च की सुबह चारों दोषियों को फांसी पर लटका दिया जाएगा। तिहाड़ जेल में बंद चारों दोषियों की इनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात पर रोक नहीं लगाई गई है। चारों को फांसी पर लटकाए जाने में केवल 5 दिन बचे हुए हैं इस बीच इनके परिजनों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।

परिजनों ने मांगी इच्छा मृत्यु

परिजनों ने मांगी इच्छा मृत्यु

निर्भया के दोषी फांसी की सजा से बचने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहे हैं। वहीं, अब इनके परिजनों ने अपने लिए इच्छा मृत्यु की मांग की है। इसके लिए 13 लोगों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। इच्छा मृत्यु की मांग करने वालों में दोषी मुकेश के परिवार के दो लोग हैं। जबकि दोषी पवन और विनय के परिवार के चार-चार लोगों ने इच्छा मृत्यु की मांग की है। इसके अलावा दोषी अक्षय के परिवार के 3 सदस्यों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।

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परिजनों ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी

परिजनों ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी

इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए लिखे गए पत्र में कहा गया है, 'हम आपसे (राष्ट्रपति) और पीड़िता के माता-पिता से इच्छा मृत्यु के हमारे अनुरोध को स्वीकार करने की अपील करते हैं ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी अपराध को रोका जा सके। इसमें आगे कहा गया है कि इसके बाद अदालतों को एक की जगह पर पांच लोगों को फांसी नहीं देनी होगी। इस पत्र में कहा गया है, 'कोई पाप नहीं है जिसे माफ नहीं किया जा सकता है। हमारे देश में, यहां तक ​​कि एक महापापी को भी माफ कर दिया जाता है।'

20 मार्च को दी जानी है चारों दोषियों को फांसी

20 मार्च को दी जानी है चारों दोषियों को फांसी

इसके पहले, दोषियों के परिजनों ने पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया था और मौत की सजा को खत्म करने की मांग की थी। परिजनों ने इसे 'सरकारी हत्या' बताया था। निर्भया केस के चारों दरिंदों अक्षय, मुकेश, पवन और विनय को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। चारों को फांसी पर लटकाने के लिए पहले भी कोर्ट द्वारा डेथ वारंट किया गया था लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण उन्हें फांसी नहीं दी जा सकी है। बता दें कि सात साल पहले 2012 में, दिल्ली में पैरामेडिकल की छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में 6 दरिंदों ने गैंगरेप किया था। दरिंदों ने पीड़िता के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं। वहीं, पीड़िता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।

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English summary
nirbhaya case: convicts families appeals for mercy death by means of euthanasia
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