Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Nimisha Priya केस में ANI का ट्वीट डिलीट होने पर बवाल, सजा माफी पर क्या कुछ छिपाया जा रहा है?

Nimisha Priya ANI deleted tweet: यमन में फांसी की सजा झेल रहीं मलयाली नर्स निमिषा प्रिया के केस में ऐसा मोड़ आया है जिसने सभी को चौंका दिया। मंगलवार, 29 जुलाई 2025 की सुबह एक राहत देने वाली खबर ने पूरे देश का ध्यान ओर खींच लिया। दरअसल, समाचार एजेंसी ANI के ट्वीट के अनुसार, यमन की अदालत ने निमिषा की मौत की सजा माफ कर दी है।

इस ट्वीट को सुन्‍नी नेता कंथापुरम ए. पी. अबूबक्कर मुसलियार ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट X (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया, जिससे यह खबर तेजी से फैल गई और लाखों लोगों को उम्मीद की किरण दिखाई दी।

nimisha-priya-case-viral-ani-tweet-deleted

लेकिन कुछ ही घंटों में मामला रहस्यमय मोड़ लेता दिखा - ANI ने अपना ट्वीट अचानक हटा लिया, और उसके साथ ही कंथापुरम मुसलियार का रीपोस्ट भी X से गायब हो गया। न तो ANI ने आधिकारिक रूप से खबर का खंडन किया और न ही पुष्टि की, जिससे सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में भ्रम और अफवाहों का दौर शुरू हो गया। अब सवाल यह उठ रहा है - क्या वाकई निमिषा प्रिया को यमन की अदालत ने राहत दी है? क्या था ANI का ट्वीट और क्यों हुआ गायब?

ANI की ट्वीट में क्या था?

28 जुलाई की रात सुन्‍नी नेता कंथापुरम ए. पी. अबूबकर मुस्‍लियार ने अपने X हैंडल पर ANI की उस रिपोर्ट को साझा किया था जिसमें दावा किया गया था कि यमन सरकार ने निमिषा प्रिया (Nimisha Priya Case) की फांसी की सजा माफ कर दी है। इस खबर में यह भी बताया गया था कि यह फैसला यमनी सूफी विद्वान शेख हबीब ओमर बिन हाफिज, यमन के उत्तरी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और कुछ अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों की बातचीत के बाद आया है।

लेकिन ANI द्वारा बाद में वह ट्वीट डिलीट कर दिया गया, जिससे वह पोस्ट अबूबकर मुसलियार के X हैंडल से भी अपने आप हट गया। इसके बाद लोगों के बीच इस खबर की सत्यता पर सवाल खड़े हो गए।

मुसलियार ने किया अपने दावे पर अडिग रहने का ऐलान

हालांकि ट्वीट हटने के बावजूद, कंथापुरम अबूबकर मुसलियार अपने दावे पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि यमनी अधिकारियों ने वाकई निमिषा प्रिया को दी गई मौत की सजा को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगला चरण होगा - मृतक यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी के परिवार से बातचीत, ताकि यह तय हो सके कि निमिषा को आजीवन कारावास दिया जाए या फिर "ब्लड मनी" यानी खून-बहा की राशि चुकाने पर रिहाई का रास्ता निकले।

यमनी कार्यकर्ता की भी पुष्टि

मुसलियार के दावे को और मजबूती तब मिली जब यमन में तलाल महदी जस्टिस एक्शन काउंसिल के प्रवक्ता सरहान शमसान अल विस्वाबी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि धार्मिक नेताओं के हस्तक्षेप के कारण मौत की सजा को माफ कर दिया गया है। अब या तो उन्हें उम्रकैद होगी या फिर रक्तपात्र (blood money) अदा करके रिहा किया जा सकता है।

सरकारी और सामाजिक दावे आपस में टकराए

गौरतलब है कि निमिषा प्रिया की 16 जुलाई को फांसी तय की गई थी, जिसे भारत सरकार और अन्य हस्तक्षेपों के चलते स्थगित कर दिया गया था। केंद्र सरकार का दावा है कि वह लगातार इस मामले को देख रही है और हरसंभव राजनयिक सहायता दे रही है। वहीं, अबूबकर मुसलियार का कहना है कि यह राहत उनके प्रयासों और शेख हबीब ओमर बिन हाफिज के प्रभाव से मिली।

लेकिन इसी बीच राजनीतिक और सामाजिक विवाद भी गहरा गया। जहां कुछ समूह मुसलियार को श्रेय देने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कई केरलवासियों ने उनकी आलोचना की है। कुछ लोगों ने तलाल महदी के परिवार के प्रति सहानुभूति जताई है और उनके भाई अब्दुल फतह महदी से अपील की है कि वे किसी भी तरह की क्षमा को अस्वीकार करें और निमिषा को फांसी दिए जाने की मांग करें।

कौन हैं निमिषा प्रिया? Who is Nimisha Priya

निमिषा प्रिया पर 2017 में यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप है। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने बिना अनुमति के एक नर्सिंग क्लिनिक शुरू किया और जब महदी ने उनके खिलाफ शिकायत की, तो दोनों के बीच विवाद हुआ। बाद में उनकी हत्या के आरोप में निमिषा को मौत की सजा सुनाई गई थी।

बहरहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि यमन की अदालत ने औपचारिक रूप से सजा माफ की है या नहीं। भारत सरकार की ओर से कोई ठोस पुष्टि नहीं हुई है, वहीं ANI ने भी अपना ट्वीट हटा दिया है, जिससे पूरे मामले पर संशय बना हुआ है। ऐसे में निमिषा प्रिया की जान बची है या नहीं - यह कहना अभी जल्दबाजी होगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+