Kerala Gold Smuggling: विदेशों में भी जांच करेगी एनआईए, आतंकी फंडिंग का शक
नई दिल्ली: केरल गोल्ड स्मगलिंग केस में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई राज खुलते जा रहे हैं। अब एनआईए के रडार पर विदेश में बैठे इस गिरोह के सरगना हैं, जिनके इशारे पर इतने बड़े पैमाने पर गोल्ड की स्मगलिंग की जाती थी। इसके अलावा एनआईए ने मामले में आतंकी फंडिंग का भी शक जताया है। एनआईए के मुताबिक इस रैकेट ने पहले ही मध्य पूर्व से भारी मात्रा में सोना पहुंचाया और इसे विभिन्न लोगों को बेचा था।

एनआईए की जांच टीम ने मंगलवार को कोर्ट में कहा कि इस मामले में विदेशों में भी जांच की जानी है, ताकी सरगना का पता लगाया जा सके। इसके अलावा हाईप्रोफाइल अधिकारियों और वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों से पूछताछ को भी एनआईए ने आवश्यक बताया है। एनआईए ने कहा कि जांच में पता चला कि इस अवैध कारोबार से जमकर कमाई हुई है। आशंका जताई जा रही है कि इससे हुई आय का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग में किया गया था। प्रारंभिक जांच में भारत और विदेश दोनों में अत्यधिक प्रभावशाली लोगों से इस केस के तार जुड़े होने का शक है।
क्या है पूरा मामला?
पांच जुलाई को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग के अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर यूएई से आया एक डिप्लोमेटिक सामान पकड़ा। विदेश मंत्रालय से अनुमति लेने के बाद यूएई वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों की मौजूदगी में जब उसे खोला गया तो उसमें घरेलू इस्तेमाल की कई चीजों में भरा हुआ 30 किलो सोना मिला। इसकी कीमत लगभग 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस मामले में कई अधिकारी संलिप्त थे।












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