NGO ने चुनाव आयुक्त के रूप में अरुण गोयल की नियुक्ति को दी चुनौती, खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
एनजीओ ने याचिका दायर कर कहा कि अरुण गोलय की योग्यता को लेकर कोई मुद्दा नहीं है। मु्द्दा है चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता।

NGO challenges Arun Goyal appointment: चुनाव आयुक्त के रूप में अरुण गोयल की नियुक्ति को एक एनजीओ ने चुनौती दी है। इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एनजीओ ने दावा किया है कि यह नियुक्ति मनमानी और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी याचिका में कहा कि सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ ने 2 मार्च को फैसला सुनाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को एक पैनल द्वारा नियुक्त किया जाना चाहिए। इस पैनल में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सीजेआई शामिल हों। उन्होंने कहा कि जस्टिस ऑफ इंडिया ने गोयल की नियुक्ति से संबंधित फाइलों का देखा था और इसमें स्पष्ट मनमानी दिखाई गई थी।
एनजीओ एडीआर ने तर्क दिया कि मुद्दा अरुण गोयल की व्यक्तिगत योग्यता नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता है। जिस तरह से अरुण गोयल की नियुक्ति हुई है। ये पूरी तरह से मनमानी है।
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