अंधविश्वास ने ली दंपति की जान, इष्ट देवता को खुश करने के लिए खुद से सिर काटकर हवन कुंड में चढ़ा दिया
दंपति के दो बच्चे भी हैं। साथ ही माता-पिता के साथ कई रिश्तेदार भी हैं। जोड़े ने गिलोटिन जैसी डिवाइस का उपयोग करके अपना सिर काट लिया है।

Gujarat Superstition: गुजरात के राजकोट से एक भयानक घटना सामने आई है। यहां एक जोड़े पर अंधविश्वास का भूत सवार हो गया था। इसके लिए उन्होंने जादू टोने से संबंधित एक अनुष्ठान किया। इसके बाद एक जोड़े ने गिलोटिन जैसी डिवाइस का उपयोग करके 'हवन कुंड' में अपना सिर काटकर अर्पित कर दिया। दंपति ने अपन इष्ट देवता को खुश करने के लिए खुद का सिर काट लिया।
सिर काटने के बाद उन्होंने हवन कुंड में चढ़ा दिया। मामले की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बताया कि मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें कहा गया है कि जोड़े की मौत अंधविश्वास के चलते हुई है। हेमूभाई और हंसाबेन मकवाना के रूप में जोड़े की पहचान हुई है। दोनों की मौत अंधविश्वासी तांत्रिक अनुष्ठानों के नाम पर हुई है।
सब-इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह जडेजा ने कहा कि दंपति ने रस्सी से बंधे गिलोटिन जैसे तंत्र के तहत अपना सिर डालने से पहले एक अग्नि वेदी तैयार की। पीटीआई के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने रस्सी को छोड़ा एक लोहे का ब्लेड उन पर गिर गया। इसके बाद उसके सिर कट गए। सिर कटते ही हवन कुंड में जा गिरा।
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पुलिस ने बताया कि महिला का सिर हवन कुंड में पड़ा था, जबकि उसके पति का सिर झोपड़ी के एक कोने में पड़ा था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, अनुष्ठान शनिवार रात और रविवार दोपहर के बीच किया गया था। दंपति के परिवार के सदस्यों ने कहा कि दोनों पिछले एक साल से हर दिन झोपड़ी में प्रार्थना कर रहे थे।
सब इंस्पेक्टर ने कहा कि जोड़े के दो बच्चे हैं। माता-पिता के साथ अन्य रिश्तेदार भी हैं। जिन्हें रविवार सुबह इस घटना के बारे में पता चला और पुलिस को सूचना दी। अधिकारी ने बताया कि आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
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