जेएनयू में स्वामी विवेकानंद का स्टैच्यू बनाने पर क्यों हो रहा बवाल?
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) एक बार फिर विवादों में है। इस बार यूनिवर्सिटी में स्वामी विवेकानंद के स्टैच्यू को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन है जो कैंपस में विवेकानंद का स्टैच्यू लगाने पर अड़ा है, वहीं दूसरी तरफ स्टूडेंट्स और टीचर्स यूनियन ने फंड का दुरुपयोग बताते हुए कड़ा विरोध जता रहे हैं। जेएनयू यूनिवर्सिटी फंड से विवेकानंद का बड़ा स्टैच्यू खड़ा करने पर स्टूडेंट यूनियन का तर्क है कि लाइब्रेरी को डेवलप करने के बजाय फंड का डायवर्ट किया जा रहा है।

जेएनयू कैंपस में विवेकानंद का स्टैच्यू बनाने की अनुमति पिछले साल जून में ही जेएनयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल से मिल गई थी। इसके बाद इसके लिए समिति की भी स्थापना हुई थी। हाल ही ही में कैंपस में स्टैच्यू के लिए पत्थर भी रखे गए थे।
हालांकि, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी यूनियन (जेएनयूएसयू) और जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (जेएनयूटीए) ने आग्रह किया है कि जो फंड स्टैच्यू पर खर्च हो रहा है, वह लाइब्रेरी पर होना चाहिए। साथ ही उन्होंने स्टैच्यू के फंडिंग पर भी सवाल खड़े किए हैं। जेएनयूएसयू और जेएनयूटीए ने इसके लिए आरटीआई भी डाली है, लेकिन फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला है।
जेएनयूएसयू की वाइस प्रेसीडेंट सारिका चौधरी ने कहा, 'हमें बताया गया है कि यूनिवर्सिटी में मेस वर्कर्स को न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करने के लिए पैसा नहीं है। अपने राजनीतिक मालिकों को खुश करने के लिए हमारे मुद्दों को वीसी अनदेखा कर रहे हैं।'












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