New Parliament Inaugration: इन 7 राज्यों से जुटाई गई नए संसद भवन के लिए सामग्री, जानें कहां से क्या आया?
New Parliament House Inauguration: नए संसद भवन के निर्माण में 7 राज्यों ने योगदान दिया है। निर्माण और सजावट में देश भर से अलग-अलग सामग्रियों का उपयोग किया गया है।

New Parliament House Inauguration: देश की राजनीति के इतिहास में कल यानी 28 मई को नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवनिर्मित नए संसद भवन की इमारत का उद्घाटन करेंगे। साथ ही भवन में ऐतिहासिक और पवित्र 'सेंगोल' भी स्थापित करेंगे। 64,500 वर्ग मीटर के दायरे में फैले और तिकोने आकार में बने नए संसद भवन में करीब 1200 करोड़ रुपए की लागत लगी है।
इस संसद भवन में एक वक्त में 1280 सांसद बैठ सकेंगे। इसके निर्माण और सजावट में देश भर से अलग-अलग सामग्रियों का उपयोग किया गया है। जैसे महाराष्ट्र के नागपुर से सागौन की लकड़ी, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कालीन, त्रिपुरा से बांस के फर्श और राजस्थान से पत्थर की नक्काशी। आइए जानते हैं संसद भवन में कहां से क्या लाया गया?
नए संसद भवन के निर्माण में 7 राज्यों का योगदान
- राजस्थान के सरमथुरा से लाल और सफेद बलुआ पत्थर खरीदा गया था। केसरिया हरा पत्थर उदयपुर से, लाल ग्रेनाइट अजमेर के पास लाखा से और सफेद संगमरमर अंबाजी राजस्थान से मंगवाया गया है। पत्थर की नक्काशी का काम आबूरोड और उदयपुर के मूर्तिकारों द्वारा किया गया।
- महाराष्ट्र के नागपुर से सागौन की लकड़ी मंगवाई गई। इसका इस्तेमाल भवन में नक्काशी व अन्य जगह इस्तेमाल किया गया है। कुर्सियां, फर्नीचर मुंबई में तैयार किया गया है।
- दमन और द्वीव से लोकसभा और राज्यसभा चैम्बर की फॉल्स सीलिंग में इस्तेमाल किया गया मैटेरियल लाया गया है।
- मध्य प्रदेश के इंदौर से संसद भवन के बाहरी हिस्से में लगे अशोक चक्र को खरीदा गया है। वहीं, अशोक प्रतीक के लिए सामग्री महाराष्ट्र के औरंगाबाद और राजस्थान के जयपुर से मंगाई गई थी।
- हरियाणा और उत्तर प्रदेश से नए संसद भवन के निर्माण के लिए फ्लाई ऐश ईंटें मंगवाई गई। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से कालीन भी मंगाया गया है।
- गुजरात के अहमदाबाद से भवन में नजर आने वाला पीतल का काम हुआ है।
- त्रिपुरा के अगरतला से बांस के फर्श मंगवाए गए हैं।
20 विपक्षी दल करेंगे बहिष्कार, 25 दल बनेंगे भागीदार
नए संसद भवन के उद्घाटन में कम से कम 25 दलों के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, 20 विपक्षी दल इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने की रणनीति बना चुके हैं। जिसमें जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू), शिवसेना गुट (UBT), राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK),समाजवादी पार्टी (SP), झारखंड मुक्ति मोर्चा समते अन्य शामिल है।












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