New Governor: कैसे यूपी से झारखंड और महाराष्ट्र से राजस्थान तक बीजेपी ने साधा समीकरण?

New Governor List: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार देर रात 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की और तीन का तबादला कर दिया गया। अक्टूबर-नवंबर में कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने हैं, उसको देखते हुए इनमें से कई राज्यपालों की नियुक्तियों का राजनीतिक संदेश समझा जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति ने जिन लोगों को राजभवनों में भेजा है, उनमें से कई भाजपा के दिग्गज चेहरे रहे हैं। कुछ नाम तो काफी हैरान करने वाले हैं, जिनमें से राजस्थान के दिग्गज बीजेपी नेता ओम प्रकाश माथुर का भी नाम लिया जा सकता है।

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ओम प्रकाश माथुर होंगे सिक्किम के राज्यपाल
ओम प्रकाश माथुर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत ही करीबी नेता माना जाता है। ये राजस्थान से आते हैं और बीजेपी संगठन में इनका ट्रैक रिकॉर्ड देखकर माना जा रहा था कि जेपी नड्डा की जगह इन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। वे अभी बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और उन्हें पार्टी ने अबतक महाराष्ट्र, यूपी, गुजरात जैसे जिन 10 प्रदेशों का भी प्रभारी बनाया गया है, वहां पार्टी को सौ प्रतिशत सफलता मिली है। ये राजस्थान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

संतोष कुमार गंगवार को झारखंड की मिली जिम्मेदारी
यूपी के बरेली में विकास पुरुष के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले संतोष कुमार गंगवार 8 बार यहां से भाजपा का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अटल बिहारी वाजपेयी और मोदी सरकार में केंद्र में मंत्री रह चुके गंगवार इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़े।

इनका यूपी के रुहेलखंड में बड़ा प्रभाव है और माना जाता है कि कुर्मी बिरादरी के इस नेता के चुनाव मैदान में नहीं होने से इलाके में भाजपा को इस बार काफी नुकसान हुआ है। वह झारखंड के राज्यपाल बनकर जा रहे हैं, जहां इस जाति का भी अपना एक वोट बैंक है, जो पहले से भी भाजपा की समर्थक मानी जाती है। यही नहीं अगले साल बिहार विधानसभा का भी चुनाव है, जहां यह राजनीतिक तौर पर एक प्रभावी जाति मानी जाती है।

हरिभाऊ कृष्णाराव बागड़े को बनाया राजस्थान का राज्यपाल
महाराष्ट्र के दिग्गज बीजेपी नेता हरिभाऊ कृष्णाराव बागड़े मराठा समाज से आते हैं, जिनकी नाराजगी लोकसभा चुनाव में महायुति गठबंधन के खराब प्रदर्शन की बड़ी वजह मानी जाती है। राज्य में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसको लेकर मराठा आरक्षण का मुद्दा फिर से अभी से उठाया जा रहा है। औरंगाबाद इलाके से आने वाले बागड़े देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

लक्ष्मण प्रसाद आचार्य होंगे असम के नए राज्यपाल (मणिपुर अतिरिक्त प्रभार)
यूपी की वाराणसी से आने वाले सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य को असम का राज्यपाल बनाना पूर्वांचल को साधने का एक प्रयास माना जा रहा है। उन्हें एक बड़े राज्य की जिम्मेदारी के साथ ही मणिपुर का भी प्रभार मिला है। वे निषाद समाज की खरवार उपजाति से ताल्लुक रखते हैं, जिसका बनारस समेत पूर्वांचल में काफी बड़ा जनाधार है।

2019 में वे वाराणसी लोकसभा सीट पर पीएम मोदी के क्षेत्र में चुनाव संयोजक के तौर पर भी काम कर चुके हैं। इस बार जिस तरह से वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी की जीत का अंतर कम हुआ है और पूर्वांचल में भाजपा और एनडीए को नाकामी हाथ लगी है, उसे देखते हुए यह नियुक्ति बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जिष्णु देववर्मा तेलंगाना के राज्यपाल नियुक्त
जिष्णु देव वर्मा त्रिपुरा के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। वे रामजन्मभूमि आंदोलन के समय से ही भाजपा से जुड़े रहे हैं। त्रिपुरा के देववर्मा राजघराने से आने की वजह से प्रदेश की राजनीति में इनकी अपनी अहमियत है। त्रिपुरा में भाजपा जिस तरह से एक शक्ति के रूप में उभरी है, उसमें देववर्मा जैसे नेताओं का बहुत खास योगदान माना जाता है।

सीएच विजयशंकर को बनाया मेघालय का राज्यपाल
सीएच विजयशंकर कर्नाटक से आते हैं और प्रदेश में भाजपा के बड़े नेता रहे हैं। विजयशंकर उसी कुरुबा जाति से आते हैं, जिससे कांग्रेस से आने वाले राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री सि्ददारमैया हैं। भाजपा ने प्रदेश की कमान लिंगायत नेता को दे रखी है, प्रभावशाली वोक्कालिगा समाज पर आधारित जेडीएस से गठबंधन कर लिया है और अब प्रभावशाली कुरुबा नेता को राज्यपाल बनाकर प्रदेश में कांग्रेस की धार को कुंद करने की एक कोशिश की है।

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रमन डेका होंगा छत्तीसगढ़ के गवर्नर
रमन डेका असम बीजेपी के दिग्गज नेता हैं। यह असम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। यह असम के अहोम राज की लड़ाका बिरादरी कलिता समाज से आते हैं, जो हिंदू हैं और असम की अस्मिता के लिए लड़ती आई है। इन्हें छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनाकर भाजपा ने असम की सियासी गणित को और मजबूत करने की कोशिश की है।

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