NEET 2020: तमिलनाडु के मेडिकल कॉलेजों में 50 फीसदी ओबीसी आरक्षण की मांग वाली याचिका SC ने खारिज की
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु सरकार और एआईएडीएमके पार्टी की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है। जिसमें ये मांग की गई थी कि राज्य की नीट मेडिकल सीटों पर 50 फीसदी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण लागू किया जाए। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, हेमंत गुप्ता और अजय रस्तोगी की पीठ ने की है। याचिका में मांग की गई थी कि केंद्र द्वारा ऑल इंडिया कोटा के तहत वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट मेडिकल और डेंटल कोर्स में ओबीसी को 50 फीसदी आरक्षण की मंजूरी दी जाए।

इस मामले में केंद्र सरकार ने कहा था कि इस साल 50 फीसदी ओबीसी आरक्षण का विस्तार कर पाना असंभव है। जिसके बाद तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस याचिका में कहा गया था कि राज्य में एससी और एसटी श्रेणी के लिए 69 फीसदी आरक्षण है। इसमें ओबीसी का हिस्सा 50 फीसदी है। तो आरक्षण के तहत 50 फीसदी ओबीसी के लिए होना चाहिए। यानी 50 फीसदी सीटों पर ओबीसी उम्मीदवारों को दाखिला दिया जाना चाहिए।
याचिका में ये भी कहा गया कि ओबीसी के लिए आरक्षण की ठीक से व्यवस्था नहीं होना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसमें केंद्र द्वारा ऑल इंडिया कोटा के तहत तमिलनाडु के मेडिकल कोर्सेज में ओबीसी को 50 फीसदी आरक्षण नहीं दिए जाने का विरोध किया गया है। इसमें कहा गया कि ऑल इंडिया कोटा के तहत तमिलनाडु को जो सीट दी गई हैं, उनमें से 50 फीसदी पर ओबीसी उम्मीदवारों को दाखिला दिया जाना चाहिए। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने भी 50 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लागू करने से इनकार कर दिया है।












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