NDA Meeting 2025: NDA की बैठक में पास हुए 2 प्रस्ताव, जेपी नड्डा बोले- जाति जनगणना देश की जरूरत
NDA Meeting 2025: दिल्ली में हुई NDA की बड़ी बैठक से एक साथ कई राजनीतिक संकेत निकले हैं - राष्ट्र सुरक्षा पर सख्त रुख, सामाजिक न्याय की दिशा में जातिगत जनगणना का समर्थन और बिहार चुनाव की ठोस तैयारी। रविवार, 25 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में NDA की 2025 की सबसे अहम बैठक हुई। इसमें दो खास प्रस्ताव पारित हुए-
पहला, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर पीएम मोदी और भारतीय सेना को बधाई देने का प्रस्ताव और
दूसरा, आगामी जनगणना में जातिगत आंकड़े शामिल करने के फैसले की सराहना।

एकनाथ शिंदे की खुलकर तारीफ और सख्त संदेश
शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने आम हिंदुस्तानियों में आत्मविश्वास और गर्व की लहर दौड़ा दी है। उन्होंने कहा - 'जो हमसे टकराएगा, वो मिट्टी में मिल जाएगा,' अब सिर्फ नारा नहीं, भारत की हकीकत है। पीएम मोदी ने एक सच्चे योद्धा की तरह काम किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत कभी परमाणु ब्लैकमेल को स्वीकार नहीं करेगा और आतंकवादियों व उनके मददगार देशों के बीच कोई फर्क नहीं करेगा।
जातिगत जनगणना पर भी NDA ने लिया बड़ा स्टैंड
एनडीए ने जातिगत जनगणना पर समर्थन जताकर साफ कर दिया है कि वह इस मुद्दे को सिर्फ विपक्ष के एजेंडे में नहीं रहने देगा। खासकर बिहार जैसे राज्य में जहां सामाजिक समीकरण अहम भूमिका निभाते हैं, यह प्रस्ताव NDA को सामाजिक न्याय के पक्षधर के रूप में स्थापित करता है।
बिहार चुनाव की रणनीति का संकेत
बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी और जातिगत जनगणना पर समर्थन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि NDA आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह एकजुट होकर मैदान में उतरेगा।
जाति जनगणना देश की जरूरत है- जेपी नड्डा
एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की बैठक के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, आज बैठक में जातिगत जनगणना को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया गया। और सभी ने इस पर अपनी सहमति दी है, साथ ही मोदी जी के इस फैसले की सराहना की और उन्हें बधाई दी। हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम जाति की राजनीति नहीं करते हैं, बल्कि वंचित, पीड़ित और शोषित, जो छूट गए हैं, उन्हें मुख्यधारा में लाना चाहते हैं। यह समाज की जरूरत है।
कौन-कौन शामिल रहा इस मीटिंग में?
- पीएम नरेंद्र मोदी
- जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह
- यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ
- बिहार के सीएम नीतीश कुमार
- महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस
- ओडिशा के सीएम मोहन चरण मांझी
- कुल मिलाकर 18 उपमुख्यमंत्री भी बैठक में रहे शामिल
राजनीतिक संकेत क्या हैं?
- ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख दिखाया है
- जातिगत जनगणना के समर्थन से सामाजिक न्याय की राजनीति में विपक्ष की मोनोपॉली को चुनौती
- नीतीश कुमार की मौजूदगी और बिहार चुनाव की रणनीति पर NDA एकजुट












Click it and Unblock the Notifications