महाराष्ट्र के बाद दिल्ली चुनाव भी लड़ेगी NCP, अजित पवार ने केंद्र का भी बनाया प्लान,सुप्रिया सुले का क्या होगा
Maharashtra Election result 2024: महाराष्ट्र चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद एनसीपी प्रमुख अजित पवार की केंद्र की राजनीति की ख्वाहिश भी जाग गई है। गुरुवार को दिल्ली में पार्टी की एक बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर फिर से पार्टी के विस्तार पर जोर दिया है। उन्होंने एनसीपी को फिर से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के लिए पार्टी के लोगों से जुटने का आह्वान किया है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी की अगुवाई वाले महायुति गठबंधन में जबरदस्त सफलता पाने के बाद अजित पवार के सुर ही बदल गए हैं। महाराष्ट्र के बारामती में जब वह वोटरों के पास पहुंचे थे, तब उनका यह संदेश होता था कि लोकसभा चुनावों में उन्होंने 'साहेब'यानी शरद पवार का समर्थन किया है, इसलिए प्रदेश की राजनीति में उन्हें समर्थन दें।

फिर से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए काम करे एनसीपी- अजित पवार
शायद बारामती के वोटरों को अजित पवार की यह अपील जंच गई और उन्होंने शरद पवार की पार्टी एनसीपी (एसपी) के उम्मीदवार युगेंद्र पवार की जगह इन्हें ही वोट देकर विधानसभा में भेज दिया। लेकिन, अब अजित पवार कह रहे हैं,'हमारी पार्टी एक समय राष्ट्रीय पार्टी थी। उस दर्जे को फिर से पाने के लिए हमें अब ज्यादा कड़े परिश्रम की जरूरत है। हम लड़ेंगे और सफलता हासिल करेंगे।'
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पहले महाराष्ट्र की राजनीति में ही दिलचस्पी रखते रहे हैं अजित पवार
जब अजित पवार राजनीति में अपने चाचा शरद पवार के साथ थे, तो कहा जाता है कि बड़े पवार ने इन्हें प्रदेश की राजनीति में आगे बढ़ाया और अपनी बेटी सुप्रिया सुले को केंद्र की राजनीति में सेट किया। अजित पवार ने पहले केंद्र की राजनीति में उतनी दिलचस्पी दिखाई भी नहीं। शायद इसी वजह से बारामती की जनता ने भी लोकसभा चुनावों में उस संसदीय सीट से अजित पवार की पत्नी सुनेत्र पवार की जगह सुले को ही चुनकर संसद में भेजा था।
महाराष्ट्र में बड़ी जीत के बाद बदला अजित पवार का नजरिया
लेकिन, विधानसभा चुनावों में चाचा की पार्टी एनसीपी (एससीपी) के बेहद ही खराब प्रदर्शन के बाद अजित पवार का हौसला बढ़ा हुआ है और उन्होंने केंद्र की राजनीति में भी अपनी ताकत आजमाइश की कोशिशें शुरू कर दी हैं।
उन्होंने कहा,'जो भी नतीजे देने में अपनी क्षमता का परिचय देगा, उसे अवसर मिलेगा। हम चाहते हैं कि युवा वर्ग आगे आएं और यह सुनिश्चत करें कि महिलाओं को पूरा मौका मिले। महाराष्ट्र में महिलाओं ने महायुति गठबंधन के प्रति मजबूत समर्थन दिखाया है। इस चुनाव में पहली बार हुआ है कि किसी गठबंधन से इतनी संख्या में एमएलए चुने गए हैं।'
इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष की ओर से महाराष्ट्र चुनाव के सिलसिले में ईवीएम पर सवाल उठाए जाने की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा, 'संसदीय चुनावों में ईवीएम मंजूर था, क्योंकि परिणाम उनके (एमवीए) पक्ष में आए थे। लेकिन, जब विधानसभा के परिणाम अलग आए, उन्होंने सीधे ईवीएम को दोष दे दिया।'
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दिल्ली चुनाव भी लड़ेगी एनसीपी- प्रफुल्ल पटेल
वहीं पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने के बारे में इसके सांसद प्रफुल्ल पटेल ने भी कहा, 'हम नहीं रुकेंगे। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा फिर से पाने के लिए हमारा अगला लक्ष्य दिल्ली चुनाव है। हम चुनाव लड़ेंगे और मुझे विश्वास है कि हम प्रभाव डालेंगे और सफलता पाएंगे।'
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी महायुति में बीजेपी को 132, शिवसेना को 57 और एनसीपी को 41 सीटें मिली हैं। इसमें एनसीपी का वोट शेयर 10.6% रहा है। (इनपुट-एएनआई)












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