NCB को चाहिए 3,000 अतिरिक्त पद, आर्यन खान केस के बीच MHA की इस डिमांड का कारण जानिए
नई दिल्ली, 27 अक्टूबर: बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के ड्रग केस में फंसने के बाद गृह मंत्रालय की ओर से नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) में नए पदों को बढ़ाने की मांग सामने आ रही है, जो मामले की गंभीरता की ओर इशारा कर रहा है। गृह मंत्रालय विभिन्न राज्यों में एजेंसी के अधिकारियों का संख्या बल बढ़ाना चाहता है, ताकि यह इस तरह के मामलों पर प्रोफेशनल तरीके से नियंत्रण रख सके और जांच के काम को तेजी से निपटाया जा सके। अभी कई राज्यों में इसका मजबूत संगठन मौजूद नहीं है। इसके चलते अभी उसे दूसरी एजेंसियों से मदद लेनी पड़ती है, जो नशीली दवाओं के मामलों में केस की छानबीन में पारंगत नहीं हैं, जिससे जांच की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

एनसीबी को चाहिए 3,000 अतिरिक्त अधिकारी-कर्मचारी
आंतरिक सुरक्षा के खतरे के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों की देशभर में मौजूदगी चाहता है। ईटी में छपी एक खबर के मुताबिक इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय देशभर के लिए एनसीबी में 3,000 नए पदों की व्यवस्था करना चाहता है। इसके लिए गृह मंत्रालय ने लॉजिस्टिक और मैनपॉवर की जरूरत को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्रालय के पास एक प्रस्ताव भेजा है। गृह मंत्रालय का मकसद आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अलावा बाकी और राज्यों में भी एनसीबी के सेटअप को मजबूत करना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि 'वर्कफोर्स की कमी के चलते हमें दूसरी एजेंसियों और राज्य पुलिस के भरोसे रहना पड़ता है, जिसके चलते समय पर जांच की गुणवत्ता प्रभावित होती है, क्योंकि नशीली दवा के मामले की जांच के लिए सभी एजेंसियां ट्रेंड नहीं होतीं।'

एमएचए के जिम्मे है एनसीबी का नियंत्रण
एनसीबी का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है, जो नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियो के बीच समन्वय का काम करता है। 2016 में इसने इसके लिए एक नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर भी स्थापित किया था। 2019 में इस व्यवस्था को आगे चार स्तर तक पुनर्गठित किया गया और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के बीच जिलास्तर तक समन्वय सुनिश्चित करने की कोशिश की गई। इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने कहा है कि इस वक्त एजेंसी के पास पूरे देश में सिर्फ 1,100 कर्मचारी ही हैं। हालांकि, गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मामलो को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है।

आर्यन खान की गिरफ्तारी से चर्चा में है एनसीबी
गौरतलब है कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इस समय बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (एनडीपीएस) ऐक्ट के तहत गिरफ्तारी की वजह से चर्चा में है। एनसीबी के अलावा डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस, कस्टम एंड एक्साइज, बीएसएफ, सशस्त्र सीमा बल और इंडियन कोस्ट गार्ड को देश के दूर-दराज इलाकों और सामावर्ती क्षेत्रों में नशीली दवाओं के कारोबार और उपभोग पर रोक लगाने की शक्तियां मिली हुई हैं। कुछ इसी मकसद से सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र का दायरा बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया गया है, जिसका भाजपा-विरोधी पार्टियों के शासित राज्यों की ओर से विरोध भी हो रहा है।

डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू से भी लेना चाहता है जिम्मेदारी
यही नहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू से एनडीपीएस ऐक्ट के तहत उसे मिले अधिकार को भी अपने कंट्रोल में लेना चाहता है। इसके पीछे तर्क यह है कि इस ऐक्ट के तहत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन और प्रोटोकॉल के तहत ड्रग्स के अवैध कारोबार और राज्यों के अलावा दूसरी एजेंसियों के साथ तालमेल की जिम्मेदारी उसके पास है।












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