'समीर वानखेड़े का पहला निकाहनामा', नवाब मलिक ने ट्विटर पर फोटो जारी कर लगाया नया आरोप
नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े के ऊपर अब एक और नया आरोप लगाया है।
मुंबई, 27 अक्टूबर: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े लगातार एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के निशाने पर हैं। नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े के ऊपर भ्रष्टाचार के साथ-साथ फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया है। इसी कड़ी में नवाब मलिक ने बुधवार को समीर वानखेड़े का एक कथित निकाहनामा अपने ट्विटर हैंडल पर जारी किया और आरोप लगाया कि उन्होंने फर्जी तरीके से आईआरएस की नौकरी हासिल की है।
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'शबाना कुरैशी से हुआ समीर का निकाह'
नवाब मलिक ने बुधवार को ट्वीट करते हुए लिखा, '7 दिसंबर 2006, गुरुवार को रात 8 बजे मुंबई में अंधेरी (वेस्ट) के लोखंडवाला कॉम्पलैक्स में समीर दाऊद वानखेड़े और शबाना कुरैशी का निकाह हुआ। निकाह में मेहर की रकम 33 हजार रुपए थी। इस निकाह में गवाह नंबर 2 के तौर पर समीर दाऊद वानखेड़े की बड़ी बहन यास्मीन दाऊद वानखेड़े के पति अजीज खान थे।' इसके बाद एक अन्य ट्वीट में नवाब मलिक ने कथित निकाहनामा की फोटो जारी करते हुए लिखा, 'यही है डॉ. शबाना कुरैशी के साथ समीर दाऊद वानखेड़े की पहली शादी का निकाहनामा।'

'धर्म नहीं, फर्जीवाड़े का खुलासा कर रहा हूं'
नवाब मलिक ने कहा कि वो समीर दाऊद वानखेड़े के धर्म को लेकर कुछ नहीं कह रहे, बल्कि उनके फर्जीवाड़े का खुलासा कर रहे हैं। अपने ट्वीट में नवाब मलिक ने लिखा, 'मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि समीर दाऊद वानखेड़े के जिस मामले का खुलासा मैं कर रहा हूं, वो उनके धर्म से जुड़ा हुआ नहीं है। मैं केवल उन फर्जी तथ्यों को सामने लाना चाहता हूं, जिनके जरिए उन्होंने आईआरएस की नौकरी पाने के लिए जाति-प्रमाण पत्र हासिल किया और अनुसूचित जाति के किसी योग्य व्यक्ति को उसके सुनहरे भविष्य को पाने से रोका।'

गुमनाम अफसर की चिट्टी के जरिए लगाए 26 आरोप
आपको बता दें कि इससे पहले मंगलवार को नवाब मलिक ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक चिट्ठी जारी की और कहा कि ये चिट्टी उन्हें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के ही एक गुमनाम अफसर ने भेजी है। नवाब मलिक ने इस चिट्ठी के जरिए समीर वानखेड़े के ऊपर 26 आरोप लगाए और कहा कि वो अपनी टीम के साथ मिलकर लोगों को ड्रग्स के फर्जी मामले में फंसाते हैं और इसके बाद उन्हें छोड़ने के एवज में वसूली करते हैं। हालांकि समीर वानखेड़े ने इन आरोपों का खंडन किया और नवाब मलिक की इस चिट्ठी को एक मजाक बताया।
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