पंजाब में 'पॉवर' की जंग: पॉवर कट पर सिद्धू ने CM अमरिंदर को घेरा, बादल पर भी निशाना
नई दिल्ली, 2 जुलाई। दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात के बाद भी नवजोत सिंह सिद्धू के तेवर नरम पड़ते नहीं नजर आ रहे हैं। अब उन्होंने पंजाब में पॉवर कट को लेकर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर हमला बोला है। नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को राज्य के बिजली संकट को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर हमला करते हुए 9 ट्वीट किए हैं।
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राहुल-प्रियंका से मुलाकात के बाद भी नहीं बदले सिद्धू
सिद्धू के नए हमले ये साबित करते हैं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ बैठक करने से कुछ भी बदला नहीं है। खासतौर पर जब इन बैठकों में कथित तौर पर उनसे मुख्यमंत्री पर सार्वजनिक हमलों को कम करने को कहा गया था।
अपने ट्वीट में सिद्धू ने लिखा "अगर हम सही दिशा में काम करते हैं तो.. पंजाब में बिजली कटौती की जरूरत नहीं है या मुख्यमंत्री को कार्यालय के समय या आम लोगों के एसी के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की जरूरत नहीं है।"
वर्तमान में पंजाब में बिजली मंत्रालय सीएम अमरिंदर के पास ही है। सिद्धू को 2019 में बिजली मंत्रालय की पेशकश की गई थी लेकिन उन्होंने इसे अपना कद कम किए जाने के रूप में देखा था।

पंजाब में बिजली कटौती बना बड़ा मुद्दा
भारी गर्मी के चलते पंजाब में बिजली की खपत बढ़ी है और अभूतपूर्व रूप से बिजली कटौती देखी गई है जिसके बाद अमरिंदर सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश में कार्यालयों के समय को कम कर दिया है और कुछ उद्योगों की आपूर्ति भी कम कर दी है।
सिद्धू ने अमरिंदर सरकार के साथ ही प्रकाश सिंह के बादल के नेतृत्व वाली पिछली अकाली-भाजपा सरकार पर भी हमला बोला और आम आदमी पार्टी को भी निशाने पर लिया जिसने हाल ही वादा किया है कि अगर वह पंजाब का चुनाव जीतती है तो हर घर को 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी।
सिद्धू ने सलाह दी कि मुख्यमंत्री को बादल सरकार के कार्यकाल में निजी थर्मल प्लांट के साथ बिजली खरीद के समझौतों (पीपीए) की समीक्षा करनी चाहिए।

दिल्ली के केजरीवाल मॉडल पर निशाना
सिद्धू ने अपने ट्वीट में कहा कि पंजाब अन्य राज्यों की तुलना में बिजली के लिए बहुत अधिक भुगतान कर रहा है क्योंकि इसकी तीन निजी थर्मल प्लांट पर "अत्यधिक निर्भरता" है। उन्होंने इन समझातों को करने के लिए बादल सरकार की भी आलोचना की।
सिद्धू ने दिल्ली के केजरीवाल मॉडल की आलोचना करते हुए लिखा "पंजाब पहले ही 9,000 करोड़ बिजली सब्सिडी देता है लेकिन दिल्ली बिजली सब्सिडी केवल 1,699 करोड़ रुपये है। अगर पंजाब दिल्ली मॉडल की नकल करता है, तो हमें सब्सिडी के रूप में केवल 1,600-2,000 करोड़ मिलेंगे। पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा के लिए - पंजाब को एक मूल पंजाब मॉडल की जरूरत है, दिल्ली के कॉपी मॉडल की नहीं।"












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