Odisha: आदिवासी महिलाओं की मौत पर नवीन पटनायक ने सरकार को घेरा, कहा-'खाद्य सुरक्षा योजनाओं को कमजोर किया'
Odisha: ओडिशा में बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कंधमाल जिले में दो आदिवासी महिलाओं की मौत पर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। बताया गया है कि इन महिलाओं ने घर में खाने की आपूर्ति न होने के कारण आम की गुठली का दलिया खाया था। पटनायक ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए भाजपा की राज्य सरकार पर आदिवासी परिवारों को चावल का प्रावधान बंद करने का आरोप लगाया। जिससे इन परिवारों को इस तरह के जोखिम भरे विकल्प चुनने के लिए मजबूर होना पड़ा।
छात्र संगठन को संबोधित करते हुए जताई निराशा
नवीन पटनायक ने संकटकाल भवन में बीजद के छात्र संगठन को संबोधित करते हुए अपनी निराशा व्यक्त की और वर्तमान सरकार पर बीजद द्वारा स्थापित खाद्य सुरक्षा योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दो लोगों की मौत हो गई है और अन्य इलाज करवा रहे हैं। यह बहुत दुखद है। पटनायक ने बताया कि उनके कार्यकाल में राज्य में एक विशिष्ट खाद्य सुरक्षा योजना लागू की गई थी। जिसका मकसद उन लोगों को खाद्य आपूर्ति करना था जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे से बाहर थे।

अपनी सरकार के समय में लोगों को पर्याप्त अनाज का दावा
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार के समय में लोगों को पर्याप्त अनाज मिलता था। जिससे ऐसी घटनाओं की संभावना कम होती। नवीन पटनायक ने दुख जताया कि उनके द्वारा चलाई गई योजनाओं को वर्तमान प्रशासन ने महत्व नहीं दिया। जिसके कारण आज कमजोर वर्ग के लोगों को आम की गुठली जैसे जोखिम भरे खाद्य पदार्थ खाने की मजबूरी झेलनी पड़ी है।
बीजद के युवा और छात्र संगठनों से किया आह्वान
नवीन पटनायक ने बीजद के युवा और छात्र संगठनों से आह्वान किया कि वे इस मामले पर सक्रिय रूप से आवाज उठाएं और सोशल मीडिया पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ सही जानकारी फैलाएं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए युवाओं को जागरूकता फैलाने की अपील की।
यह घटना ओडिशा में खाद्य सुरक्षा और शासन के मुद्दों पर व्यापक बहस छेड़ रही है। जहां हर पक्ष इस तरह की त्रासदियों से बचने और सभी नागरिकों को बुनियादी खाद्य सुविधाएं सुनिश्चित करने की जरूरत पर विचार कर रहा है।












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