Chhattisgarh News: नवा रायपुर मेडिसिटी: मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई इबारत
नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी परियोजना का लक्ष्य मध्य भारत में एक अग्रणी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करना है, जो चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाएगा और नौकरी के अवसर पैदा करेगा।
स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान किसी भी विकसित समाज की मजबूत नींव होते हैं। भारत जब वर्ष 2047 के विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना हमारी प्रमुख प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में विकसित की जा रही ‘मेडिसिटी’ परियोजना न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के नए युग की शुरुआत कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में यह परियोजना देश की सबसे महत्वाकांक्षी और भविष्यगामी स्वास्थ्य पहल के रूप में उभर रही है।

नवा रायपुर अटल नगर शिक्षा, परिवहन, उद्योग और आधुनिक शहरी ढांचे का प्रमुख केंद्र रहा है। अब ‘मेडिसिटी’ इस शहर को राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थकेयर की राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। अत्याधुनिक कनेक्टिविटी, विकसित परिवहन नेटवर्क और भौगोलिक दृष्टि से रणनीतिक स्थिति नवा रायपुर को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख गंतव्य बना रही है। हर वर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्री यहां की एयर और रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। जल्द शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मेडिकल टूरिज्म को और गति देंगी।
सेक्टर 36–37 में 200 एकड़ में विकसित हो रही मेडिसिटी में 5,000 से अधिक बेड और देश के अग्रणी हेल्थकेयर समूहों की भागीदारी इसे देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य शहरों में एक बनाएगी। यहां मेडिकल यूनिवर्सिटी, नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल पेशेवरों की सक्षम नई पीढ़ी तैयार हो सके। कार्डियोलॉजी, कैंसर साइंस, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और मल्टी–स्पेशियलिटी अस्पतालों के साथ अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक्स लैब्स स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाई देंगे। मरीजों और परिजनों के लिए आवासीय परिसर, छात्रावास, होटल और धर्मशाला जैसी सुविधाएँ इस क्षेत्र को पूर्ण ह्यूमन–सेंट्रिक मेडिकल ज़ोन बनाएंगी। ‘वॉक-टू-हॉस्पिटल’ मॉडल, पर्यावरण अनुकूल डिजाइन, सुगम सार्वजनिक परिवहन, और पीएमजेएवाई व सीजीएचएस जैसी योजनाओं के तहत किफायती उपचार सुविधाएँ इस परियोजना को पूरी तरह समावेशी बनाती हैं।
नवा रायपुर में पहले से मौजूद उत्कृष्ट स्वास्थ्य संस्थान इस संरचना को और मजबूत करते हैं। सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल 2012 से बाल हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अग्रणी केंद्र है, जहां भारत सहित बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अफ्रीकी देशों से भी मरीज आते हैं। 2018 से संचालित 170 बिस्तरों वाला बालको कैंसर हॉस्पिटल सेंट्रल इंडिया के 500–600 किमी दायरे में अत्याधुनिक कैंसर उपचार उपलब्ध करा रहा है। रायपुर का स्वच्छ वातावरण और कम जीवन–यापन लागत मरीजों के लिए इसे अधिक उपयुक्त बनाते हैं।
मेडिसिटी केवल स्वास्थ्य परियोजना नहीं बल्कि बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित होगी। स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस और सपोर्ट सेवाओं में हजारों रोजगार सृजित होंगे। इसके आसपास किफायती आवास, व्यापारिक गतिविधियाँ और नई सेवाओं का विस्तार राज्य की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मेडिसिटी का मॉडल ‘सुलभता, किफायत और उच्च गुणवत्ता’ के सिद्धांतों पर आधारित है। एम्स, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट और सुपर स्पेशियलिटी संस्थानों की स्थापना नवा रायपुर को राष्ट्रीय हेल्थ हब बनाएगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को मेडिकल टूरिज्म, रिसर्च और हेल्थ इकोनॉमी का प्रमुख केंद्र बनाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नवा रायपुर मेडिसिटी मध्य भारत में स्वास्थ्य क्रांति की नई शुरुआत है। 200 एकड़ में विकसित यह विशाल हेल्थकेयर सिटी छत्तीसगढ़ सहित पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक, सुलभ और किफायती चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराएगी। यह परियोजना देश के स्वस्थ और विकसित भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगी।
नवा रायपुर मेडिसिटी आने वाले दशकों तक छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का इंजन बनेगी। यह विश्वस्तरीय हेल्थकेयर सिटी स्वास्थ्य, फार्मा, वेलनेस, शिक्षा और सेवा क्षेत्रों में हजारों रोजगार अवसर सृजित कर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी。












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