Nav Satyagraha Baithak: बेलगावी में CWC की बैठक आज, ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
Nav Satyagraha Baithak: कर्नाटक के बेलगावी में कांग्रेस पार्टी ने आज इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय को जीवंत करते हुए महात्मा गांधी के 1924 के ऐतिहासिक अधिवेशन की 100वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस कार्य समिति की विशेष बैठक का आयोजन किया। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सलमान खुर्शीद ने संविधान की रक्षा पर दिया जोर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने इस ऐतिहासिक आयोजन के महत्व को रेखांकित किया और संविधान की रक्षा और उसे सशक्त बनाने के लिए नई प्रेरणा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें हमारे इतिहास से प्रेरणा लेकर भविष्य के भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता का संकल्प लेने की याद दिलाता है।

सचिन पायलट ने भारत गठबंधन की ताकत को सराहा
सीडब्ल्यूसी बैठक के संदर्भ में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस ऐतिहासिक अवसर पर अपना उत्साह प्रकट किया। उन्होंने कहा कि शताब्दी समारोह हमारे भविष्य की दिशा तय करने का मार्ग है। कांग्रेस का नेतृत्व न केवल देश के लिए बल्कि भारत गठबंधन की मजबूती के लिए भी महत्वपूर्ण है।
महिला सशक्तिकरण पर सौम्या रेड्डी का संदेश
महिला कांग्रेस की नेता सौम्या रेड्डी ने इस अवसर पर गर्व व्यक्त किया और महिला सशक्तिकरण के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों के आरक्षण की पहल को याद करते हुए कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की विरासत है कि वह महिला नेतृत्व को बढ़ावा देती है और सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाती है।
महात्मा गांधी और चरखे को श्रद्धांजलि
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने महात्मा गांधी और प्रतीकात्मक चरखे को श्रद्धांजलि अर्पित की। एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में 1924 के सत्र के महत्व को पुनर्जीवित किया। सिद्धारमैया ने कहा कि बेलगावी का चयन पार्टी के अतीत का सम्मान करते हुए भविष्य की दिशा तय करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डीके शिवकुमार ने पार्टी के इतिहास को वर्तमान से जोड़ा
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि 100 साल पहले बेलगावी में महात्मा गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष चुना गया था। यह केवल एक उत्सव नहीं है। बल्कि यह आयोजन गांधीजी और कांग्रेस के भारत के लिए दृष्टिकोण को दोहराने का एक अवसर है। उन्होंने पार्टी की स्थायी विरासत और देश की प्रगति के प्रति इसकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
सीडब्ल्यूसी बैठक, कांग्रेस का भविष्य तय करने का मंच
इस शताब्दी समारोह के तहत आयोजित कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक का उद्देश्य पार्टी की ऐतिहासिक उपलब्धियों को स्मरण करते हुए भविष्य की रणनीतियों और चुनौतियों का समाधान करना था।
जय बापू-जय भीम-जय संविधान रैली का आयोजन
बैठक के अगले दिन कांग्रेस ने जय बापू-जय भीम-जय संविधान रैली आयोजित की। जिसमें कांग्रेस के सांसदों, एआईसीसी पदाधिकारियों और हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। यह रैली न केवल महात्मा गांधी के 1924 के संबोधन का जश्न थी। बल्कि पार्टी के लिए गांधी के आदर्शों अहिंसा, सामुदायिक एकता, और सामाजिक न्याय के प्रति पुनः प्रतिबद्धता का प्रतीक भी थी।
महात्मा गांधी के अधिवेशन की शताब्दी का संदेश
बेलगावी में आयोजित यह ऐतिहासिक आयोजन केवल कांग्रेस पार्टी के लिए नहीं। बल्कि देश के लिए भी एक प्रेरणादायक क्षण है। इसने यह संदेश दिया कि कांग्रेस पार्टी का दृष्टिकोण न केवल इतिहास में निहित है। बल्कि भारत के भविष्य को दिशा देने के लिए भी दृढ़ है।
बेलगावी का यह आयोजन कांग्रेस पार्टी के लिए आत्ममंथन और आत्मबल का प्रतीक है। यह शताब्दी समारोह केवल एक ऐतिहासिक अवसर का उत्सव नहीं। बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और भारत के विकास के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। महात्मा गांधी की विचारधारा और कांग्रेस की विरासत ने आज के इस आयोजन को एक गहरे आध्यात्मिक और राजनीतिक महत्व का स्वरूप दिया है।












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