नहीं रहे हास्य रत्न हुल्लड़ मुरादाबादी, दिल का दौरा पड़ने से निधन
अपने व्यंग से लोगों को हंसने पर मजबूर करने वाले भारत के मशहूर कवि हुल्लड़ मुरादाबादी का शनिवार को मुंबई में उनके आवास पर निधन हो गया। भारतीय साहित्य के हास्य रत्न हुल्लड़ मुरादाबादी पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। शनिवार शाम चार बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। कई कवि सम्मेलनों में संचालक की भूमिका निभाने वाले हुल्लड़ मुरादाबादी को कई सम्मानिय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
भारत के हास्य कवि हुल्लड़ मुरादाबादी को कलाश्री, अट्टहास सम्मान, हास्य रत्न सम्मान जैसे पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, ऐसे में उनका निधन हिंदी साहित्य के लिए बहुत बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है।
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हुल्लड़ मुरादाबादी का जन्म 29 मई 1942 को गुजरावाला पाकिस्तान में हुआ था। बंटवारे के दौरान परिवार के साथ मुरादाबाद आ गए थे। उनका असली नाम सुशील कुमार चड्ढा था।
कविता में रूचि रखने वाले हुल्लड़ मुरादाबादी ने शुरू में वीर रस की कविताएं लिखी थीं लेकिन बाद में उनका रूझान हास्य रस की ओर हो गया जिसके कारण उन्होंने केवल देश ही विदेश में भी भारत का नाम रौशन किया है।
हुल्लड़ मुरादाबादी अपने पीछे अपनी पत्नी, दो बेटियां सोनिया और मनीषा और पुत्र नवनीत हुल्लड़ को छोड़ गये हैं। उनके बेटे नवनीत भी हास्य कवि हैं।













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