ट्विटर पर अश्लील सामाग्री को लेकर महिला आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान, जारी किया नोटिस
नई दिल्ली, जून 30: राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अश्लील सामग्री प्रदर्शित करने पर सोशल नेटवर्किंग माइक्रो वेबसाइट ट्विटर को नोटिस दिया है। इसके अलावा ट्विटर से 10 दिन के भीतर जवाब मांगा है। आयोग ने ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक से एक सप्ताह के भीतर सभी अश्लील सामग्री को उसके मंच से हटाने के लिए कहा है। वहीं दिल्ली पुलिस ने भी माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर को नोटिस जारी कर उसके प्लेटफॉर्म पर बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री प्रसारित किए जाने के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी।

आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बुधवार को ट्विटर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को एक पत्र भेजा और कहा कि एक सप्ताह के भीतर समस्त अश्लील सामग्री हटायी जानी चाहिए। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने इस मामले की जांच करने और उचित कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है। आयोग ने ट्विटर को ऐसी अश्लील सामग्री साझा करने वालीं कुछ प्रोफाइलों का ब्योरा दिया है और कहा है कि एक सप्ताह के अंदर ऐसी सभी प्रतिबंधित सामग्री को हटाया जाए।
एनसीडब्ल्यू ने कहा कि पहले भी इसी तरह की शिकायत मिलने पर आयोग ने तत्काल कार्रवाई के लिए मामले को ट्विटर के संज्ञान में लाया था, लेकिन इसके बावजूद ट्विटर ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। कंपनी की ओर से अनदेखी की गई। आयोग ने लिखा कि, वह इस बात को लेकर चिंतित है कि ऐसी प्रतिबंधित सामग्री की मौजूदगी की जानकारी होने के बावजूद उन्हें हटाने की दिशा में ट्विटर ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की।
उधर दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की शिकायत पर एक प्राथमिकी दर्ज की थी जिसमें उसपर आरोप है कि उसने अपने मंच पर बाल पोर्नोग्राफी तक पहुंच की अनुमति दी है। पुलिस ने कहा कि भारतीय दंड संहिता, यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा कानून (पॉक्सो) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। नोटिस दिए जाने से पहले, आयोग ने पुलिस उपायुक्त अन्येष रॉय से पूछा था कि 29 मई को दिल्ली पुलिस को लिखे गए पत्र के अनुसार ट्विटर के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई।












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