मोदी की कानपुर रैली: विकास, प्रशासन और दंगों पर घेरेंगे प्रदेश सरकार को

उम्मीद की जा रही है कि मोदी की रैली में विकास, प्रशासन और मुजफ्फरनगर दंगे प्रमुख मुद्दे होंगे जिनको लेकर मोदी प्रदेश सरकार पर हमला बोलेंगे। विकास के पैमाने पर अखिलेश सरकार सिर्फ लैपटॉप ही बांट सकी है, जिसे लेकर भी युवाओं में शिकायत है। वहीं पिछले एक साल के दौरान दो दर्जन से ज्यादा हुए दंगों ने कानून व्यवस्था के लाचार होने का प्रमाण दे दिया है। जिसे लेकर मोदी राज्य सरकार पर हमलावर होंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि पहले दिल्ली की रैली, मुंबई के हीरा व्यापारियों और फिर मैनेजमेंट छात्रों को संबोधित करते हुए मोदी ने अपना विजन रखा और लोगों ने इसकी सराहना भी की। एक बात और जो मोदी को अन्य नेताओं से अलग कर रही है वह उनका नारा 'नेशन फर्स्ट'। मोदी ने अपने भाषणों में किसी धर्म की बात नहीं की है लेकिन मुजफ्फरनगर के दंगों के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का मुस्लिम टोपी पहनकर बयान देना राज्य के अन्य मतदाताओं को उनसे दूर सकता है। मुस्लिम वोटों के लिए सपा ने 30 विभागों की 85 योजनाओं में मुस्लिमों को 20 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान पहले ही कर दिया। ऐसे में गैर मुस्लिमों को अपने पाले में करने के लिए मोदी कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
सपा सरकार ने मोदी की रैली को रोंकने की पूरी कोशिश की है और अब अगर ऐसा होता है तो इसका लाभ 'माउथ पब्लिसिटी' के रूप में मोदी को ही मिलेगा। अब यह देखने वाली बात होगी कि मोदी रैलियों के द्वारा कितना वोट इकट्ठा कर पाते हैं जो कि उन्हें भारत का प्रधानमंत्री बनने में मदद कर सके।












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