नए सांसदों को पीएम मोदी की सलाह- अखबार से न मंत्री बनते हैं, न मंत्री पद दिए जाते हैं
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बंपर जीत के बाद अब सभी को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन का इंतजार है। इस बीच शनिवार को एनडीए संसदीय दल की संसद भवन में बैठक हुई, जिसमें नरेंद्र मोदी को बीजेपी और एनडीए संसदीय दल का नेता चुना गया। इसके बाद पीएम मोदी ने चुनकर आए सांसदों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों से मेरा आग्रह रहेगा है कि मानवीय संवेदनाओं के साथ अब हमारा कोई पराया नहीं रह सकता है। इसकी ताकत बहुत बड़ी होती है। दिलों को जीतने की कोशिश करेंगे। इस दौरान उन्होंने सांसदों को सलाह देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल को लेकर मीडिया में जो अफवाहें चल रही हैं, वो भ्रमित करने के लिए हैं। आप इस भ्रम में मत आइए।

'मंत्रिमंडल को लेकर मीडिया में जो अफवाहें चल रही, वो भ्रमित करने के लिए हैं'
संसद भवन के सेंट्रल हॉल में शनिवार को सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "अभी तक मैंने जीते हुए सांसदों की पूरी सूची नहीं देखी है, लेकिन इस देश में बहुत ऐसे नरेंद्र मोदी पैदा हो गए हैं जिन्होंने मंत्रिमंडल बना दिया है। अगर सबका टोटल लगाएंगे तो शायद 50 सांसद ही ऐसे रह जाएंगे जो मंत्री की लिस्ट में नहीं आएंगे। ये सबसे बड़ा संकट होता है। सरकार और कोई बनाने वाला नहीं है जिसकी जिम्मेदारी है वही बनाने वाले हैं।"
'देश में बहुत ऐसे नरेंद्र मोदी पैदा हो गए हैं, जिन्होंने मंत्रिमंडल बना दिया'
पीएम मोदी ने कहा, "आजकल कई लोग पीएमओ के नाम पर झूठे फोन करते हैं, क्योंकि सांसद नया होता है इसलिए वह आवाज नहीं पहचान पाता है। मीडिया वाले जो नाम चला रहे हैं वह भ्रमित करने के लिए हैं, आप इस भ्रम में मत आइए। कई लोग आपको कहेंगे कि उन्होंने लिस्ट में आपका नाम देखा है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता है। जो कुछ होगा नियमों के मुताबिक होगा। न कोई अपना है न कोई पराया है जो कोई भी जीतकर आया है सारे मेरे हैं। मेरे लिए कोई फर्क नहीं पड़ता है। दायित्व बहुत कम लोगों को दे सकते हैं, इसलिए किसी खास के चक्कर में मत पड़ना। अगर अखबार या टीवी पर भी कहीं ऐसी खबर आए तो उसे फोन करके इसे बंद करने के लिए कहें।"

पीएम मोदी बोले- सरकार वही बनाने वाले हैं, जिसकी जिम्मेदारी है
पीएम मोदी ने नए सांसदों के साथ जीवन के कई अहम अनुभव साझा करते हुए सुझाव दिया कि कृपा करके सेवाभावी लोगों की सेवा से मुक्त रहिए। उन्होंने कहा, "2014 से 2019 तक हमने गरीबों के लिए सरकार चलाई और आज मैं बड़े संतोष के साथ कह सकता हूं कि ये सरकार देश के गरीबों ने बनाई है। पांच साल के कार्यकाल में हम कह सकते हैं कि हमने गरीबों के साथ जो छल चल रहा था, उस छल में हमने छेद किया है और सीधे गरीब के पास पहुंचे हैं। जनता ने हमें इतना बड़ा आदेश दिया है। स्वाभाविक है कि सीना चौड़ा हो जाता है। लेकिन जनप्रतिनिधि को ये सोचने का हक नहीं होता है। जनप्रतिनिधि के लिए कोई भेदरेखा नहीं हो सकती है। जो हमारे साथ थे, हम उनके लिए भी हैं और जो भविष्य में हमारे साथ चलने वाले हैं, हम उनके लिए भी हैं।"
'विनोबा भावे कहते थे कि चुनाव बांट देता है, दूरियां पैदा करता है...लेकिन'
नरेंद्र मोदी ने कहा, "आचार्य विनोबा जी भावे कहते थे कि चुनाव बांट देता है, दूरियां पैदा करता है, दीवार बना देता है, खाई पैदा कर देता है... लेकिन 2019 के चुनाव ने दीवारों को तोड़ने का काम किया है। इस चुनाव ने दिलों को जोड़ने का काम किया है। सत्ता-भाव न भारत का मतदाता स्वीकार करता है, न पचा पाता है। हम चाहे भाजपा या एनडीए के प्रतिनिधि बनकर आए हों, जनता ने हमें स्वीकार किया है सेवाभाव के कारण। हमारे लिए और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए सेवा भाव से बड़ा कोई मार्ग नहीं हो सकता। संविधान को साक्षी मानकर हम संकल्प लें कि देश के सभी वर्गों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।"
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