Narendra Modi Road Show: बेंगलुरू के लोगों ने पीएम मोदी का किया भव्य स्वागत, लगे मोदी मोदी के नारे
कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना पहला रोड शो कर्नाटक में किया

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के मतदान 10 मई को होगा। अब जब चुनाव को चंद दिन ही बाकी बचे हैं तो भाजपा सत्ता में वापसी के लिए जमकर प्रचार कर रही है। वहीं कर्नाटक चुनाव में भाजपा की ओर रुख मोड़ने के लिए नरेंद्र मोदी कर्नाटक दौरे के लिए शनिवार को पहुंच चुके हैं।

शनिवार को बीदर और विजयनगर में मेगा रैली करने के बाद प्रधानमंत्री प्रदेश की राजधानी बेंगलुरू में रोड शो करने पहुंचे। पीएम मोदी का मेगा रोड शो कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए अहम है जो प्रदेश में सत्ता को बनाए रखना चाहती हैं। इसके साथ ही भाजपा के लिए कर्नाटक दक्षिण का प्रवेश द्वार है। पीएम मोदी ने बेंगलुरू उत्तर निर्वाचन क्षेत्र में रोड शो किया।
शनिवार, 29 अप्रैल को बेंगलुरू के नाइस रोड जंक्शन से सुमनहल्ली तक लगभग 5 किमी की दूरी के लिए एक रोड शो आयोजित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुले वाहन में हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन करते नजर आए।
पीएम मोदी के रोड शो को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बदरहल्ली और सनकडकट्टे सड़कों के दोनों ओर कार्यकर्ताओं, बच्चों, बूढ़ों, युवकों, युवतियों और महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। नरेंद्र मोदी के वाहन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने की पुष्प वर्षा पूर्व सीएम डीवी सदानंद गौड़ा और बीजेपी नेता चलवाडी नारायणस्वामी मोदी का समर्थन कर रहे हैं।
शनिवार बीदर, विजयपुर और बेलगाम जिलों के बीजेपी उम्मीदवारों के लिए प्रचार सभा में शामिल नरेंद्र मोदी ने शाम को राजधानी बेंगलुरु में एक भव्य रोड शो किया।
उन्होंने रोड शो के जरिए बेंगलुरु विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं को और अधिक प्रेरणा देने में मदद मिलेगी। अंधेरा होने के बावजूद बेंगलुरु के लोग उत्सुकता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखने के लिए इंतजार कर रहे थे और मोदी के नारे लगा रहे थे..मोदी के नारे सड़क पर भाजपा के झंडे लिए लोग खड़े खड़े थे।
रोड शो के रास्ते में भारी पुलिस सुरक्षा थी। हर पांच मीटर पर एक पुलिसकर्मी तैनात किया गया था। रोड शो होते ही लोग आगे बढ़ जाते हैं और पूरा मगदी रोड लोगों से भर गया था।
याद रहे पीएम मोदी ने वाराणसी में काशी तेलुगु संगमम को अपने वर्चुअल संबोधन में कहा था कि ये गंगा और गोदावरी के 'संगम' (संगम) की तरह है। ये भारत की प्राचीन सभ्यताओं संस्कृतियों और परंपराओं के संगम का उत्सव है।
कुछ समय पहले काशी की धरती पर काशी तमिल संगमम का आयोजन भी हुआ था। अभी कुछ ही दिन पहले मुझे सौराष्ट्र तमिल संगम में भी शामिल होने का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था ये अमृतकाल देश की विविधताओं का संगम काल है।












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