नरेंद्र मोदी से करीबी बढ़ा रहा मुस्लिम लीग
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के मुसलमानों के बीच के संबंधों की बात आते ही तमाम राजनेता गुजरात के टोपी विवाद को उछालने में जरा भी देर नहीं लगाते हैं। खैर अब यह टोपी विवाद किनारे लग चुका है, क्योंकि खुद मुस्लिम लीग मोदी से करीबी बढ़ा रहा है।

केरल की ताकतवर राजनीतिक पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मैत्रीपूर्ण संबंध चाहती है। उसने प्रधानमंत्री राहत कोष में 25 लाख रुपए का योगदान दिया। सांसद व इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के अध्यक्ष श्री ई. अहमद ने आज यहां प्रधानमंत्री को 25 लाख रुपए का चेक भेंट किया। सनद रहे कि ई. अहमद यूपीए सरकार में मंत्री भी रहे। जानकार मानते हैं कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के उक्त कदम से कांग्रेस को जरूर कष्ट होगा क्योंकि मुस्लिम लीग उसकी केरल में सहयोगी पार्टी रही है। दोनों में चुनावी तालमेल रहता है।
राहत कार्यों में उपयोग
यह राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष को बाढ़ राहत व पुनर्वास कार्यों के लिए प्रदान की गई है। केरल की सियासत को समझने वाले कहते हैं कि मुस्लिम लीग का 25 लाख रुपये का चेक प्रधानमंत्री को देना बहुत कुछ कहता है। हालांकि इस राशि का बेहतर तरीके से इस्तेमाल तो होगा ही, इसके साथ ही मुस्लिम लीग ने प्रधानमंत्री मोदी की तरफ मैत्री का हाथ भी बढ़ा दिया है। यही नहीं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग नेता ई.अहमद ने राहत कार्यों के लिए प्रधानमंत्री को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
हर लोकसभा में सदस्य
महत्वपूर्ण है कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग कांग्रेस के अलावा एक मात्र पार्टी है देश में, जिसका हर लोकसभा में सदस्य चुना जाता रहा है। मुस्लिम लीग और भाजपा के केरल में हमेशा संबंध खासे कटु रहे हैं।












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