केरल: छात्राओं के बुर्का पहनने पर बैन लगाने के बाद मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी के चीफ को मिली जान से मारने की धमकी
तिरुवनंतपुरम: केरल में मुस्लिम एजुकेशन ग्रुप के चीफ को जान से मारने की धमकी मिली है। इन्होंने केरल में छात्राओं के कैंपस परिसर में बुर्का पहनने पर रोक लगा दी थी। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष पी ए फजल गफूर ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें किसी अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर धमकी दी है कि अगर उन्होंने छात्राओं को बुर्का पहनकर ना आने का सर्कुलर वापस नहीं लिया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

'फजल गफूर को फोन पर मिली धमकी'
एक पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि गफूर की शिकायत के मुताबिक फोन करने वाले ने उन्हें धमकी और उनके लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। छात्रों को बुर्का पहनकर आने से रोकने के फैसले की सुन्नी मुस्लिम विद्वानों और मौलवियों के धार्मिक संगठन समस्त केरल जामियाथुल उलेमा ने आलोचना की है।

'श्रीलंका विस्फोट से लेना देना नही'
शु्क्रवार को सर्कुलर जारी करने के बाद उन्होंने बताया कि इसका श्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए धमाकों के बाद श्रीलंका द्वारा बुर्के पर बैन लगाने से इसका कोई संबंध नहीं है। बम धमाकों से पहले 17 अप्रैल को इसे पारित कर दिया था। गफूर ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि चेहरे को ढ़कने वाली महिलाएं इस्लामिक नहीं है। ये विदेश से लाई गई नई संस्कृति है और इसका धर्म से बहुत कम लेना देना है। चेहरे को ढकने की प्रैक्टिस एक सांस्कृतिक आक्रमण है। अब ये केरल में व्यापक हो गया है।
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क्या है मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी
मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी एक कम्युनिस्ट संगठन है, जो केरल में मुस्लिमों के बीच सुधारवादी परंपरा की विरासत का दावा करता है। इसे सुन्नी समूहों द्वारा संचालित किया जाता है, जो मस्जिदों और मदरसों को नियंत्रित करते हैं। एमईएस ने नकाब को विदेश से आयात बताया है। लेकिन मौलवियों द्वारा इसे अस्वीकार करने की संभावना बहुत अधिक है। मुस्लिम एजुकेशन सोसायटी केरल में कई स्कूलों का संचालन करती है।












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