गिरिराज सिंह ने फिर दिया विवादित बयान, कहा- 1947 में सभी मुसलमानों को पाकिस्तान भेज देना चाहिए था
पटना। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि सभी मुसलमानों को 1947 में ही पाकिस्तान भेज देना चाहिए था। बुधवार को बिहार के पुर्णिया में उन्होंने कहा, 'यह राष्ट्र के लिए खुद को प्रतिबद्ध करने का समय है। 1947 से पहले जिन्ना (मोहम्मद अली जिन्ना) ने इस्लामिक राष्ट्र पर बल दिया था। उस समय हमारे पूर्वजों से बहुत बड़ी भूल हुई। अगर उसी समय मुस्लिम भाईयों को वहां भेज देते और हिंदुओं को यहां ले आते, तो आज ये नौबत नहीं आती। अगर भारतवंशियों को यहां शरण नहीं मिलेगी तो फिर वो कहां जाएंगे।'
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एनपीआर के बारे में बोलते हुए सिंह ने कहा, 'जितनी चीजें एनपीआर में मांगी गई हैं वे सब आधार कार्ड में हैं। फिर एनपीआर का विरोध क्यों? यह भारत के अंदर सोची-समझी रणनीति के तहत विरोध हो रहा है। यह कोई लोकतांत्रिक आंदोलन नहीं, बल्कि खिलाफत आंदोलन हो रहा है, देश को तोड़ने के लिए।' सिंह का बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब देशभर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
सीएए के तहत तीन मुस्लिम देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए उत्पीड़न के शिकार छह गैर मुस्लिम समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। यानी इनमें उन्हीं लोगों को भारतीय नागरिकता मिल सकती है जो 2015 से पहले भारत आए हों और उत्पीड़न के शिकार हों। जो लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं, उनका कहना है कि ये संविधान के खिलाफ है। इसके साथ ही कुछ आलोचकों का तो ये भी कहना है कि जब सीएए का इस्तेमाल संभावित राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के साथ होगा तो ठीक नहीं होगा।
हालांकि सरकार ये साफ कह चुकी है कि वह इस कानून को वापस नहीं लेगी। साथ ही सरकार का ये भी कहना है कि ये कानून उन लोगों को सहायता देने के लिए है, जो पड़ोसी देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। वहीं गिरिराज सिंह इससे पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुके हैं। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में स्थित देवबंद 'आतंकवाद की गंगोत्री है।'












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