आर्टिकल 370 के बाद जैश आतंकियों के निशाने पर है मुंबई, खुफिया रिपोर्ट
नई दिल्ली-आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन भारत में हमले करवाने की साजिशों में जुट गए हैं। खबरों के मुताबिक पाकिस्तानी आतंकी संगठन जम्मू और कश्मीर के साथ-साथ मुंबई जैसे बड़े शहरों को भी निशाना बनाने की ताक में लग गए हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने इस बारे में सरकार को अलर्ट किया है। खुफिया सूचना के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद के 3 आतंकियों को मुंबई में हमले को अंजाम देने का जिम्मा भी सौंपा गया है।

तीन आतंकियों को मुंबई पर हमले का जिम्मा
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सरकार को बताया है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की कोशिश में हैं। इसके साथ ही वे मुंबई जैसे भारत की आर्थिक राजधानी पर भी हमला करके देश को दहलाने की साजिशें रच रहे हैं। एक बड़े अधिकारी के मुताबिक खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के अलावा आतंकी देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और अर्थव्यस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे हैं, इसलिए उनके टारगेट पर मुंबई के होने की ज्यादा आशंका है। खुफिया जानकारी तो यहां तक है कि जैश-ए-मोहम्मद ने मुंबई में हमलों को अंजाम देने के लिए तीन दहशतगर्दों को जिम्मा सौंपा है और उनकी मदद के लिए लोकल स्लीपर सेल के आतंकियों को एक्टिवेट भी कर दिया गया है।

इमरान की धमकी के बाद बढ़ी हरकत
गौरतलब है कि यह खुफिया अलर्ट तब आया है जब एक दिन पहले ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर के विशेषाधिकार खत्म होने पर 'पुलवामा जैसी वारदात' होने का संकेत दिया था। उन्होंने तो भारत और पाकिस्तान के बीच परंपरागत जंग तक की धमकी दे डाली थी। इससे लगता है कि पाकिस्तान आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराकर कोई बड़ा हमला करवाने की योजना पर काम कर रहा है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया है कि जिस समय इमरान का ये बयान आ रहा था, लगभग उसी दौरान जैश के सरगना मौलाना मसूद अजहर के छोटे भाई रउफ अजगर के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में दाखिल होने की खबर आई। इससे पहले मंगलवार को ही वह रावलपिंडी में आतंकवादियों की एक मीटिंग में शामिल हुआ था। रउफ का ये मूवमेंट उस वक्त हुआ है, जब बड़ी संख्या में जैश के आतंकियों के पाकिस्तानी पंजाब स्थित ट्रेनिंग कैंप्स से सीमावर्ती इलाकों में बढ़ने की सूचना मिल रही है।

सरकार ने बढ़ाई चौकसी
खुफिया सूचना मिलते ही सरकार भी हरकत में आ गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल का अचानक जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचना उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। वे सेना और सुरक्षा बलों से एलओसी और उसके अलावा बाकी इलाकों में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने राज्य पुलिस एजेंसियों को भी महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कहा है।












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