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Tahawwur Rana की न्यायिक हिरासत 8 सितंबर तक बढ़ी, 5 माह से NIA की गिरफ्त में! अब होगी पूरक आरोपपत्र की समीक्षा

Tahawwur Rana News: 26/11 मुंबई आतंकी हमले के प्रमुख आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की न्यायिक हिरासत को दिल्ली की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने बुधवार (13 अगस्त 2025) को 8 सितंबर तक बढ़ा दिया।

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया, क्योंकि उनकी पिछली हिरासत अवधि समाप्त हो चुकी थी। एनआईए द्वारा दाखिल पूरक आरोपपत्र की समीक्षा के लिए मामला अब दस्तावेजों की जांच के चरण में है।

Tahawwur Rana News

Who Is Tahawwur Rana: तहव्वुर राणा कौन है?

64 वर्षीय तहव्वुर राणा, पाकिस्तान सेना के मेडिकल कोर के पूर्व अधिकारी और कनाडाई व्यवसायी, 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में एक प्रमुख षड्यंत्रकारी माने जाते हैं। वह 26/11 के मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमैन हेडली (उर्फ दाऊद गिलानी) के बचपन के दोस्त और करीबी सहयोगी हैं, जो वर्तमान में अमेरिका की जेल में सजा काट रहा है। राणा को इस साल अप्रैल में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी प्रत्यर्पण याचिका खारिज होने के बाद भारत लाया गया था।

मुंबई हमले में राणा की भूमिका

एनआईए के अनुसार, राणा ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी (एचयूजेआई) के आतंकवादियों के साथ मिलकर मुंबई हमलों की साजिश रची। जांच एजेंसी का दावा है कि राणा ने हेडली को टोही मिशन के लिए हस्तलिखित नोट्स, निर्देशांक और नक्शे प्रदान किए, जिनका उपयोग मुंबई हमले के लक्ष्यों को चुनने में किया गया। राणा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत हत्या की साजिश, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और आतंकवादी कृत्यों की योजना बनाने जैसे गंभीर आरोप हैं।

जांचकर्ताओं का मानना है कि राणा के पास हमलों से पहले मुंबई, दिल्ली और केरल जैसे भारतीय शहरों में की गई टोही गतिविधियों, लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संभावित संबंधों की महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है। राणा ने पूछताछ में दावा किया कि वह हमले की योजना से जुड़े नहीं था और सारी जिम्मेदारी हेडली पर डाल दी। हालांकि, एनआईए ने उनकी असहयोगी रवैये और गोलमोल जवाबों का हवाला देते हुए हिरासत बढ़ाने की मांग की।

पूरक आरोपपत्र और कानूनी प्रक्रिया

एनआईए ने 9 जुलाई 2025 को राणा के खिलाफ दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें गिरफ्तारी मेमो, जब्ती मेमो और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। यह आरोपपत्र 2011 में दाखिल मुख्य आरोपपत्र का पूरक है। विशेष एनआईए जज चंदर जीत सिंह ने इस आरोपपत्र की समीक्षा के लिए 8 सितंबर की तारीख तय की है।

हाल ही में, एनआईए ने राणा के आवाज और हस्तलेख के नमूने एकत्र किए, ताकि उन्हें हेडली के साथ उनकी टेलीफोनिक बातचीत के रिकॉर्ड से मिलाया जा सके। राणा को 29 मई 2025 में भारत लाए जाने के बाद तिहाड़ जेल में उच्च सुरक्षा वाले आइसोलेशन सेल में रखा गया है।

हिरासत और कोर्ट की कार्यवाही

राणा की हिरासत को कई बार बढ़ाया गया है। जून 2025 में, विशेष एनआईए कोर्ट ने उनकी हिरासत 9 जुलाई तक बढ़ाई थी और तिहाड़ जेल प्रशासन से उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। 7 अगस्त को, कोर्ट ने राणा को अपने परिवार से फोन पर बात करने की अनुमति दी, ताकि वह निजी वकील नियुक्त करने पर चर्चा कर सकें। यह कॉल जेल नियमों के तहत रिकॉर्ड की जाएगी और तिहाड़ जेल के वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में होगी।

राणा ने पूछताछ में बताया कि वह मुंबई और दिल्ली के अलावा केरल भी गए थे, जहां उन्होंने एक परिचित से मुलाकात का दावा किया। एनआईए अब राणा को मुंबई और अन्य शहरों में ले जाकर हमले से पहले की घटनाओं का पुनर्निर्माण करने की योजना बना रही है।

कब से NIA गिरफ्त में - Tahawwur Rana

  • 10 अप्रैल 2025 को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित (extradited) किए जाने के बाद, वह दिल्ली पहुंचे। उस दिन ही उन्हें NIA हिरासत (custody) में भेजा गया, जिसे अदालत ने 18 दिनों के लिए मंजूर किया था।
  • 18 अप्रैल 2025 तक उसकी NIA हिरासत निर्धारित थी। इसके बाद, अदालत ने 12 दिनों की अतिरिक्त NIA रिमांड मंजूर की, जिससे यह हिरासत और बढ़ कर 30 अप्रैल 2025 तक हो गई।
  • 9 मई 2025 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 6 जून 2025 तक न्यायिक हिरासत (judicial custody) में भेजा।
  • इसके बाद, 9 जुलाई 2025 को अदालत ने उसकी न्यायिक हिरासत को 13 अगस्त 2025 तक बढ़ा दिया था, जो अब 8 सितंबर तक कर दी है।

26/11 मुंबई हमले में क्या हुआ?

26 से 29 नवंबर 2008 तक, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने समुद्री मार्ग से मुंबई में प्रवेश कर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, ताजमहल पैलेस होटल, लियोपोल्ड कैफे और एक यहूदी केंद्र सहित कई प्रमुख स्थानों पर समन्वित हमले किए। लगभग 60 घंटे तक चले इस हमले में 166 लोग मारे गए, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे, और 238 से अधिक लोग घायल हुए। हमले को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो ने समाप्त किया।

हमले में शामिल एकमात्र जीवित आतंकवादी अजमल कसाब को मई 2010 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और अन्य अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया और नवंबर 2012 में उसे फांसी दे दी गई। मुख्य साजिशकर्ता हेडली ने मामले में सरकारी गवाह बनकर अपनी सजा कम कराई थी।

प्रत्यर्पण की प्रक्रिया

राणा को 2013 में अमेरिका में डेनिश अखबार पर हमले की साजिश के लिए 14 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन मुंबई हमले से संबंधित प्रत्यक्ष आरोपों में उन्हें बरी कर दिया गया था। भारत ने उनके प्रत्यर्पण की मांग की, और मई 2023 में अमेरिकी अदालत ने इसे मंजूरी दी। राणा ने नाइंथ सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर कीं, लेकिन 4 अप्रैल 2025 को उनकी अंतिम याचिका खारिज होने के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया गया।

तहव्वुर राणा की हिरासत और पूरक आरोपपत्र 26/11 मुंबई हमले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह हमला भारत के इतिहास में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक था, और राणा की जांच से लश्कर-ए-तैयबा, आईएसआई और अन्य आतंकी संगठनों की भूमिका पर नई जानकारी मिल सकती है। एनआईए की सक्रियता और राणा की हिरासत से यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में न्याय जल्द पूरा होगा।

ये भी पढ़ें- Tahawwur Rana Case: आतंकी राणा को परिवार से बात करने की मिली इजाजत, दिल्ली कोर्ट ने दी सशर्त अनुमति

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