सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में बने न्यायिक आयोग, संबल हिंसा पर सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क की मांग
MP Zia Ur Rehman Barke On Sambhal Violence: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जिया उर रहमान बर्क पर उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और करीब 20 लोग घायल हुए थे। पुलिस ने उनके खिलाफ भीड़ को उकसाने और सांप्रदायिक सद्भावना बिगाड़ने का आरोप लगाया है। एक FIR में कहा गया है कि बर्क ने "राजनीतिक लाभ" के लिए हिंसा आयोजित की। इस घटना में पत्थरबाजी और झड़पें हुई थीं, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
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इस मामले पर जिया उर रहमान बर्क ने कहा है कि यह मुद्दा अडानी मामले से भी बड़ा है, क्योंकि इसमें जनता पर अत्याचार हुआ है, हत्याएं हुई हैं, और उनके अधिकारों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन करने की मांग की है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज करें, ताकि सच्चाई का पता चल सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।

अखिलेश यादव ने भी लोकसभा में दिखाए तेवर
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी आज इस मामले में लोकसभा में बयान दिया है । उन्होंने इसे "सोची समझी साजिश" बताते हुए कहा कि यह घटना उत्तर प्रदेश में होने वाले उपचुनावों से ध्यान भटकाने के लिए की गई। अखिलेश ने आरोप लगाया है कि पुलिस और प्रशासन भी इस हिंसा को बढ़ावा देने में शामिल हैं। वहीं, इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता जिया उर रहमान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे एक "साजिश" करार देते हुए आरोप लगाया था कि बर्क को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
पहली बार सांसद बने हैं जिया उर रहमान बर्क
जिया उर रहमान बर्क 36 साल के हैं और संभल के एक पुराने राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके दादा शफीक-उर-रहमान बर्क लंबे समय तक संभल से विधायक रहे थे और सांसद भी बने थे। बर्क ने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में कुंदरकी से विधायक के तौर पर चुनाव जीता था और अब पहली बार सपा से लोकसभा सांसद बने हैं।
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