Motor Vehicles Act का डर! जानिए दिल्ली में ट्रैफिक चालान में अचनाक आई कितनी कमी
नई दिल्ली- नए मोटर व्हीकल ऐक्ट को लागू हुए एक हफ्ते ही बीते हैं, लेकिन दिल्ली में ट्रैफिक चालान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। एक आंकड़े के मुताबिक पहले सात दिनों में ही दिल्ली में ट्रैफिक चालान में 70 फीसदी की गिरावट देखी गई है। माना जा रहा है कि लोग भारी जुर्माने के डर से इतने सतर्क हो गए हैं कि उन्होंने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का जोखिम लेना ही छोड़ दिया है। जैसे 10 फीसदी रोजाना की रफ्तार से जो चालान की संख्या घटी है, उससे लगता है कि आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली वाले 100 फीसदी ट्रैफिक नियमों का पालन करने वाले भी बन सकते हैं, हालांकि ट्रैफिक चालान में आई गिरावट की वजहें कई और भी हैं।

कैसे आई चालान में 70% की गिरावट
एक सितंबर से 7 सितंबर तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने औसतन प्रतिदिन 4,813 चालान काटे हैं। जबकि पिछले महीने ही उसने औसतन रोजाना 16,788 चालान काटे थे। माना जा रहा है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ लगने वाली जुर्माने की राशि में भारी इजाफे के डर से लोगों ने सड़कों पर मोटर व्हीकल ऐक्ट से किसी तरह का जोखिम लेना ही बंद कर दिया है। जिन वाहनों के चालानों में सबसे ज्यादा कमी आई है, वह कॉमर्सियल व्हीकल्स हैं। क्योंकि, ऐसे वाहनों के मालिक और ड्राइवर अपने कागजातों को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सचेत हो गए हैं। वैसे भी ऐसे वाहनों पर लगने वाला जुर्माना सबसे ज्यादा होता है। एक दिन पहले ही ओडिशा में एक ट्रक पर 86,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में भी सघन चेकिंग के चलते चालान की संख्या घटी है।

सबसे ज्यादा दोपहिया वाहनों के चालान कटे
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक पिछले हफ्ते दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए ट्रैफिक पुलिस ने जिन वाहनों का चालान काटा उनमें 40 फीसदी दो पहिया वाहन थे। इनके अलावा 25 फीसदी प्राइवेट कारों और उनके ड्राइवरों के चालान काटे गए। जबकि बाकी 35 फीसदी में भारी कॉमर्सियल वाहनों से लेकर ऑटो-रिक्शा जैसे वाहन शामिल थे। सबसे गंभीर बात ये है कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक पिछले हफ्ते राजधानी में जितने भी चालान काटे गए हैं, उसमें से 50 फीसदी से ज्यादा कोर्ट चालान काटे गए हैं, जिसमें मामला दूसरों की जान को खतरे में डालने जैसा गंभीर था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक हर तीन में से एक कार ड्राइवर के पास सभी जरूरी पेपर नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति हमें उनका लाइसेंस सीज करना होता है और कोर्ट चालान जारी करना पड़ता है।

राजस्व में 5-7 गुना इजाफे की संभावना
वैसे नए कानून के डर से चालान की संख्या भले ही घटती नजर आ रही है, लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि चालान से मिलने वाला राजस्व पिछले साल के मुकाबले 5 से 7 गुना तक बढ़ सकता है। इसके लिए पुलिस कंपाउंडेवल चालान के नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार कर रही है। फिलहाल ये कोर्ट पर निर्भर है कि वह नियमों का उल्लंघन करने वाले पर चालान की एक राशि फिक्स करता है या उसके लिए सजा तय करता है। जब कोर्ट चालान की राशि तय कर देता है तो आरोपी को जुर्माने की रकम की सूचना एसएमएस के जरिए मिल जाती है। बता दें कि पिछले साल ट्रैफिक चालान से सरकार को 105.99 का रेवेन्यू मिला था।

नए कानून से ट्रैफिक भी घटी
दिल्ली में नए मोटर व्हीकल ऐक्ट का असर सड़क पर वाहनों की आवाजाही पर भी दिख रहा है। एक आंकड़े के मुताबिक नया नियम लागू होने के बाद से दिल्ली के कुछ बड़े चौराहों पर वाहनों की संख्या में 30 फीसदी तक की गिरावट में दर्ज की गई है। जाहिर है कि अगर दिल्ली में सड़कों पर निकलने वाली गाड़ियों की संख्या अगर पिछले हफ्ते कम हुई हैं तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर भी घटने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।












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