Karti Chidambaram की ₹ 11.04 करोड़ की संपत्ति कुर्क, ED ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन लिया
Karti chidambaram आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच कर रही है। कार्ति की करोड़ों की संपत्ति अटैच की गई है। एक संपत्ति कर्नाटक के कूर्ग में भी है। जानिए पूरा मामला

INX Media money laundering मामले में कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम की करोड़ों की प्रॉपर्टी अटैच की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्ति चिदंबरम की संपत्ति अटैच की है। एक संपत्ति कर्नाटक में भी है।
कार्रवाई के मामले में ईडी ने कहा, कार्ति चिदंबरम की 11.04 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है। कुल चार संपत्तियों में से एक कर्नाटक के कूर्ग जिले में स्थित एक अचल संपत्ति है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की 11.04 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। एक आधिकारिक बयान में यहां यह जानकारी दी गई।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से जारी बयान में कहा गया, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत 11.04 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी किया।
51 वर्षीय कार्ति चिदंबरम, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के बेटे हैं। तमिलनाडु की शिवगंगा लोकसभा सीट से मौजूदा कांग्रेस सांसद कार्ति के खिलाफ ईडी के साथ-साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी जांच कर रही है।
उन्हें आईएनएक्स मामले में गिरफ्तार भी किया जा चुका है। ईडी ने आईएनएक्स मीडिया समूह को एफआईपीबी मंजूरी देने में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए 2017 में पीएमएलए के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया था।
बेंगलुरु में क्या हो रहा है
आईएनएक्स मीडिया को 15-16 साल पहले यानी 2007-08 में FIPB (विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड) की मंजूरी मिली थी। इस समय पी चिदंबरम यूपीए सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में कार्यरत थे।
यह आरोप लगाया गया है कि मंजूरी कानूनी तरीके से नहीं ली गई। एजेंसियों ने पी चिदंबरम पर अपने बेटे कार्ति के माध्यम से मीडिया समूह के प्रमोटरों इंद्राणी और पीटर मुखर्जी से रिश्वत लेकर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप लगाया है।
एफआईपीबी को मोदी सरकार ने छह साल पहले 2017 में खत्म कर दिया था।संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि कुर्क की गई चार संपत्तियों में से एक कर्नाटक के कूर्ग जिले में स्थित एक अचल संपत्ति है।
कुर्की के बारे में ईडी ने कहा, यह पाया गया कि "अवैध संतुष्टि (अपराध की आय) मैसर्स आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त हुई थी, जिसके लिए अभियुक्त पी चिदंबरम ने कई शेल कंपनियों के माध्यम से एफआईपीबी की मंजूरी दी थी।
ईडी का कहना है कि आरोपी कार्ति पी चिदंबरम का स्वामित्व/इस्तेमाल किया गया। चार्जशीट में कहा गया है, "आरोपियों की कंपनी में आईएनएक्स मीडिया की संस्थाओं द्वारा परामर्श प्रदान करने के नाम पर अवैध रूप से रिश्वत प्राप्त की गई।"
एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस मामले में एक निश्चित समयावधि के दौरान अपराध शोधन की कुल राशि 65.88 करोड़ रुपये है। आरोप है कि पैसा विदेशी खातों में भेजा गया था और कार्ति पी चिदंबरम द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित रही।
ईडी ने इस मामले में 2021 में चार्जशीट दायर की। इसमें कहा, जब्त डिजिटल उपकरणों से ईमेल बरामद किए गए थे, जो खुलासा करते हैं कि कार्ति अपने पिता से एक कंपनी - एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (ASCPL) से संबंधित मामलों के बारे में सलाह लेते थे।
ईडी के अनुसार, "लाभकारी रूप से में ASCPL कार्ति का स्वामित्व में था और इस मामले में शामिल था। ED का आरोर है कि उनके विश्वासपात्रों के माध्यम से विभिन्न विदेशी संपत्तियों और कंपनियों के शेयरों में निवेश किया गया था।












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