मोदी सरकार ने ऑयल कंपनियों को दी राहत, एक्सपोर्ट पर विंडफॉल गेन टैक्स घटाया
ऑयल कंपनियों को मोदी सरकार ने थोड़ी राहत दी है, जहां विंडफॉल गेन टैक्स घटा दिया गया। इस टैक्स के बाद अब कंपनियां एक्सपोर्ट बढ़ा सकती हैं।
केंद्र सरकार ने घरेलू कच्चे तेल को लेकर गुरुवार को एक अहम फैसला लिया, जहां उसने विंडफॉल टैक्स को घटाकर 4900 रुपये ($60.34) प्रति टन कर दिया। इसके अलावा सरकार ने डीजल पर निर्यात कर भी घटाकर 8 रुपये प्रति लीटर कर दिया। केंद्र की ओर से इसको लेकर विस्तृत आदेश जारी कर दिया गया है, जो शुक्रवार से लागू होगा। इससे पहले 16 नवंबर को सरकार ने डीजल के निर्यात पर दर घटाते हुए घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया था।

वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत में 2.3 प्रतिशत की कटौती की है। अब दिल्ली में एविएशन फ्यूल 2775 रुपये प्रति किलोलीटर कम होकर 1,17,587.64 रुपये में मिलेगा। केंद्र सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई है, ऐसे में उन्होंने एविएशन फ्यूल के दाम कम किए। वहीं डीजल पर अब कुल निर्यात कर 8 रुपये का होगा, जिसमें 6.50 रुपये स्पेशल एडिशनल एक्सपोर्ट ड्यूटी और 1.50 रुपए रोड इंफ्रा सेस शामिल है।
क्या है विंडफॉल टैक्स?
विंडफॉल टैक्स जनता पर नहीं बल्कि कंपनियों पर लगाया जाता है। ये उन कंपनियों पर लागू होता है, जिनको अच्छे या बुरे हालात से तुरंत फायदा होता है। उदाहरण के तौर पर जैसे ही यूक्रेन और रूस में युद्ध शुरू हुआ, वैसे ही कच्चे तेल की कीमत में काफी तेजी आई। इसकी वजह से ऑयल कंपनियों ने खूब फायदा कमाया। अब सरकार उनसे विंडफॉल टैक्स लेगी। खास बात ये है कि इसका असर आम जनता पर नहीं पड़ता है।
आसान भाषा में ऐसे समझें
विंडफॉल टैक्स कम हो गया है, ऐसे में तेल कंपनियां अब एक्सपोर्ट बढ़ा सकती हैं। जब एक्सपोर्ट बढ़ेगा, तो कंपनियों को फायदा भी ज्यादा होगा। ज्यादा फायदा होने पर कंपनियां सरकार को ज्यादा टैक्स देंगी, जिससे जनता की भलाई से जुड़े काम किए जा सकेंगे।












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