मोदी सरकार के कोविड राहत पैकेज पर चिदंबरम बोले- संकट का जवाब लोगों के हाथ में पैसा डालना है
नई दिल्ली, 29 जून। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कोरोना महामारी प्रभावित अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए एक पैकेज की घोषणा की। भारतीय अर्थव्यवस्था को बूस्टर डोज के तहत कोविड प्रभावित सेक्टर के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है। मोदी सरकार को उम्मीद है कि लॉकडाउन के बाद से बेजान पड़े सेक्टर्स को इससे काफी ज्यादा मुनाफा होगा। वहीं वित्त मंत्री की कोरोना प्रभावित राहत पैकेज पर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने मंगलवार को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। चिदंबरम ने कहा "संकट" का जवाब लोगों के हाथों में पैसा डालकर खासकर गरीबों के लिए और निम्न मध्यम वर्ग के लिए मांग को बढ़ावा देना है।

बता दें वित्त मंत्री सीतारमण ने सोमवार को छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त ऋण की घोषणा की है। जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अधिक धन, पर्यटन एजेंसियों और गाइडों को ऋण, और विदेशी पर्यटकों के लिए वीजा शुल्क में छूट की घोषणा शामिल है। अर्थव्यवस्था विकास पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, चिदंबरम ने कहा, "कुछ प्राथमिक सत्य: क्रेडिट गारंटी क्रेडिट नहीं है। क्रेडिट अधिक कर्ज है, कोई भी बैंकर कर्ज में डूबे व्यवसाय को उधार नहीं देगा।"
पूर्व वित्त मंत्री ने कई ट्वीट किए और लिखा कर्ज के बोझ से दबे या नकदी की कमी वाले व्यवसाय अधिक ऋण नहीं चाहते हैं, उन्हें गैर-ऋण पूंजी की आवश्यकता है। "अधिक आपूर्ति का मतलब अधिक मांग (खपत) नहीं है। इसके विपरीत, अधिक मांग (खपत) अधिक आपूर्ति को गति प्रदान करेगी। चिदंबरम ने तर्क दिया कि ऐसी अर्थव्यवस्था में मांग नहीं बढ़ेगी जहां नौकरियां चली गई हैं और आय या मजदूरी कम हो गई है।












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