जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले की NIA करेगी जांच
नई दिल्ली, 29 जून। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर जिस तरह से आतंकियों ने ड्रोन के जरिए विस्फोटक गिराया और हमला किया उसके बाद देश सामने ड्रोन हमले से निपटने की नई चुनौती खड़ी है। केंद्र सरकार इस हमले को गंभीरता से ले रही है और जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले की जांच को एनआईए को सौंप दिया गया है। एनआईए की टीम एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले के हर पहलू की जांच करेगी। यह ड्रोन कहां से आया और इसके पीछे किसका हाथ है, इन तमाम पहलुओं पर एनआईए की टीम जांच करेगी।
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नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की बॉम्ब स्क्वॉड टीम जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए विस्फोट की जांच करने के लिए पहुंची है। एनएसजी की टीम इस बात की जांच करेगी कि यह ब्लास्ट किस प्रकृति का था। इसमे आरडीएक्स या टीएनटी का इस्तेमाल तो नहीं किया गया है, इसकी भी जांच होगी। सूत्र ने बताया कि इस मामले में इस बात की भी जांच होगी कि क्या ड्रोन का संचालन सीमा पार से किया जा रहा था या फिर सीमा पार के किसी हैंडलर का इसमे हाथ है।
रिपोर्ट के अनुसार जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हमले के लिए आरडीएक्स या फिर टीएनटी का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि जांच में यह बात साफ होगी कि इस विस्फोटक को आतंकियों ने कैसे हासिल किया, क्या इसमे सीमा पार से कोई मदद की गई। जानकारी के अनुसार आतंकी ना सिर्फ एयरफोर्स स्टेशन बल्कि अन्य ठिकानों पर भी निशाना बना रहे हैं। 27 जून की सुबह तकरीबन 3 बजे कालूचक इलाके में ड्रोन देखा गया, हालांकि इस दौरान जवान काफी मुस्तैद थे और उन्होंने ड्रोन पर हमला कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अगर जवानों ने मुस्तैदी नहीं दिखाई होती तो आतंकी हमले को अंजाम देने में सफल हो जाते। अंधेरे की वजह से ड्रोन कुछ ही देर में मौके से लापता हो गया।












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