जानिए आखिर क्यों गडकरी नहीं लेना चाहते हैं रेलवे का जिम्मा
मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार से पहले गडकरी ने जताई इच्छा, वह रेल मंत्रालय का जिम्मा लेने के लिए तैयार नहीं, इतने कम समय में रेल मं
नई दिल्ली। पीएम मोदी के कैबिनेट विस्तार से पहले केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेने के इच्छुक नहीं हैं। गडकरी का मानना है कि रेलवे में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव लाने के लिए अब पर्याप्त समय नहीं बचा है। लेकिन वहीं पार्टी नेतृत्व चाहता है कि गडकरी रेलवे मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाले और इसमें अपना योगदान दें।

इच्छुक नहीं हैं गडकरी
लेकिन पार्टी की इच्छा के विपरीत गडकरी रेलवे मंत्रालय की जिम्मेदारी लेने के लिए इच्छुक नहीं हैं।मोदी सरकार को मुश्किल से अब दो वर्ष का समय बचा है, ऐसे में गडकरी को लगता है कि वह इतने कम समय में रेलवे में कोई बड़ा बदलाव नहीं ला सकते हैं। रेलवे मंत्रालय का जिम्मा किसी और को देने की वजह यह है कि हाल के रेल हादसों के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी थी, ऐसे में माना जा रहा है रेल मंत्रालय अब सुरेश प्रभु के हाथ से जाना तय है।
मंत्रालय आवंटन पर अभी फैसला नहीं
सूत्रों की मानें तो अभी तक इस बात का कोई फैसला नहीं हुआ है कि कौन सा मंत्रालय किसे दिया जाना है, यहां तक कि केंद्रीय नेतृत्व ने गडकरी की इच्छा को भी अभी स्वीकार नहीं कियै है। नए मंत्रियों के विभाग को लेकर बात अभी भी चल रही है। वहीं दूसरी तरफ माना जा रहा है कि उमा भारती से उनका मंत्रालय का भी विभाग बदला जा सकता है, हालांकि उनका मंत्री पद नहीं छिनेगा।
उमा भारती का नहीं जाएगा मंत्री पद
नए मंत्रियों को लेकर अरुण जेटली, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज के बीच उच्च स्तरीय चर्चा जारी है। नए मंत्रियों को मंत्रालय दिए जाने से पहले कई पहलुओं पर गौर किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से स्थानीय लोकप्रियता, चुनाव, सांसदों और मंत्रियों के काम और उनकी संसद में उपस्थिति अहम हैं। बहरहाल पीएम मोदी आज के शपथ ग्रहण समारोह के बाद चीन में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने चले जाएंगे।












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