आप सांसदों की बात कर रहे हैं, मोदी-शाह ने तो लोकतंत्र को सस्पेंड कर रखा है- डेरेक ओ ब्रायन
नई दिल्ली, 26 जुलाई: संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सदन के वेल में प्रवेश करने और नारेबाजी के लिए राज्यसभा के 19 सांसदों को एक हफ्ते के लिए निलंबित किया गया है। अब इस मामले पर टीएमसी की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों के निलंबन को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उसने संसद को 'अंधा कुआं' बना दिया है।
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तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, भारत में लोकतंत्र को निलंबित कर दिया गया है। संसद को अंधा कुआं बना दिया गया है। डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी संसद से 'भयभीत'हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद से भयभीत हैं। मैं उनसे संसद में आकर एक सवाल का जवाब देने के लिए कहता हूं। ब्रायन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री हर बृहस्पतिवार को आधे घंटे के लिए संसद आते हैं और इसे 'गुजरात जिमखाना' मानते हैं।
उनकी यह टिप्पणी राज्यसभा में 19 विपक्षी सांसदों के निलंबन को लेकर की। सदन में 'अशोभनीय आचरण' के कारण विपक्ष के 19 सदस्यों को वर्तमान सप्ताह के शेष समय के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया है। सदन से निलंबित किए गए सदस्यों में सात तृणमूल कांग्रेस के हैं जबकि छह सदस्य द्रमुक के, तीन तेलंगाना राष्ट्र समिति के और दो मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पाटी के हैं। एक निलंबित सदसय भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के हैं।
राज्यसभा से एक सप्ताह के लिए निलंबित हुए 19 विपक्षी सांसदों में अलग-अलग दलों के सदस्य शामिल हैं। जिसमें तृणमूल कांग्रेस की सुष्मिता देव, मौसम नूर, शांता छेत्री, डोला सेन, अभिरंजन विश्वास, मोहम्मद नदीम उल हक, आर वद्दीराजू, एस कल्याणासुंदरम, आर गिररंजन, एनआर इलांगो, एम शणमुगम, दामोदर राव दिवाकोंडा और पी संदोष कुमार हैं।
राज्यसभा से 19 विपक्षी सांसदों के निलंबित होने से एक दिन पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस के 4 सांसदों को मौजूदा सत्र की शेष अवधि से निलंबित कर दिया था। जिसमें मणिकम टैगोर, टी एन प्रतापन, जोतिमणि और राम्या हरिदास शामिल हैं।












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