तीन तलाक पर जागा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, निकाहनामे में करेगा बदलाव

नोमानी ने बताया कि बोर्ड के अनेक सदस्यों ने तीन तलाक के खिलाफ निकाहनामे में ही शपथ की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है।

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ लाए कानून को पास कराने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं दूसरी तरफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड निकाहनामे में तीन तलाक के खिलाफ प्रावधान लाने की तैयारी में लग गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के नए प्रस्ताव के मुताबिक निकाह के वक्त शौहर द्वारा भविष्य में कभी एक साथ तीन तलाक नहीं देने का लिखित शपथ देना होगा। बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील-उर-रहमान सज्जाद नोमानी ने बताया कि बोर्ड की 9 फरवरी को हैदराबाद में शुरू होने वाली बैठकों में संशोधित मॉडल निकाहनामे पर चर्चा की जाएगी।

निकाहनामे में एक कॉलम होगा

निकाहनामे में एक कॉलम होगा

प्रावधान के मुताबिक निकाह के वक्त शौहर को लिखकर देना होगा कि वह अपनी बीवी को कभी तीन तलाक नहीं देगा। नोमानी ने कहा कि तीन तलाक संबंधित मामले सबसे ज्यादा कम पढ़े-लिखे लोगों में देखने को मिलती है। ऐसे में बोर्ड की कोशिश होगी कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक किया जाए। जिसे मदरसों के शिक्षकों और छात्रों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि ऐसे जागरूक अभियान सोशल मीडिया के जरिए किए गए है। बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलील-उर-रहमान सज्जाद नोमानी ने कहा कि अब निकाहनामे में एक कॉलम होगा, जिसमें लिखा होगा कि 'मैं कभी तीन तलाक नहीं दूंगा/दूंगी'। अगर वो इसे मानने के बाद कोई भी तीन तलाक नहीं दे सकेगा।

तीन तलाक के खिलाफ निकाहनामे में ही शपथ की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है

तीन तलाक के खिलाफ निकाहनामे में ही शपथ की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है

नोमानी ने बताया कि बोर्ड के अनेक सदस्यों ने तीन तलाक के खिलाफ निकाहनामे में ही शपथ की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। नोमानी ने कहा कि निकाहनामे में इस तरह की व्यवस्था हो जाने से तीन तलाक की बुराई पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। बोर्ड ने हमेशा तीन तलाक को गलत माना है। हालांकि कुछ हालातों में जरूरी होने की वजह से इसे अवैध करार नहीं दिया गया है। इस मसले पर बोर्ड ने बयान जारी करते हुए कहा कि वो भी तीन तलाक के खिलाफ है, लेकिन उसके ऊपर कानून बनाए जाने को बोर्ड मुस्लिम पर्सनल लॉ में दखल मानता है, ऐसे में पर्सनल लॉ में बदलाव नहीं लाने के लिए बोर्ड की आलोचना होती रहती है।

मुस्लिम वीमेन पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया स्वागत

मुस्लिम वीमेन पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया स्वागत

इसी बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम वूमेन पर्सनल लॉ बोर्ड ने एआईएमपीएलबी के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे देर आए, दुरुस्त आए वाला कदम करार दिया है। बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अम्बर ने कहा कि अगर एआईएमपीएलबी अपने निकाहनामे में तीन तलाक के खिलाफ इस प्रावधान को शामिल करता है तो यह बेहद स्वागत योग्य होगा।

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