अब दिल्ली में आपस में लड़ते ‘आप’के नेता
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता जब किसी दूसरे से नहीं लड़ते तो वे आपस में वाद-विवाद में फंस जाते हैं। इनकी आपस में तकरार चालू हो जाती है। विधायकों की सैलरी बढ़े या ना बढ़े, इस मसले पर आप के दो बड़े असरदार नेता आपस में एक-दूसरे को नीचा-दिखाने में लगे हैं।
बढ़े पगार
आप की टिकट पर बीता लोकसभा चुनाव लड़ चुके आशुतोष कह रहे हैं विधायकों की पगार बहुत कम है। इसमें इजाफा होना चाहिए। वे इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं। उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा कि विधायकों की सैलरी बढ़नी चाहिए। उन्हें बहुत से खर्चे करने होते हैं। उनकी मौजूदा सैलरी बहुत कम है।
मत करो बात
उधर, आप के एक दूसरे बड़े नेता संजय सिंह कहते हैं कि विधायकों की सैलरी के सवाल पर इस वक्त बात भी नहीं होनी चाहिए। कारण ये है कि आजकल देश के बहुत से भागों में किसान आत्म हत्या कर रहे हैं। इन हालातों में सैलरी बढ़ाने की मांग करना शोभा नहीं देता।
बढ़ाने का पक्ष में
हालांकि जानकारों का कहना है कि आप के दिल्ली विधानसभा में 67 में से ज्यादातर विधायक अपनी सैलरी को बढ़वाना चाहते हैं। उनका तर्क है कि उन्हें भत्तों के साथ मिलने वाली 54 हजार मासिक सैलरी बहुत कम है। दिल्ली में रोज एक जगह से ट्रेवलिंग में ही 400-500 रुपये खर्च हो जाते हैं। इन हालातों में उनकी सैलरी बढ़नी चाहिए।
एक बात और। दिल्ली में विधायकों को आवास भी नहीं मिलते अन्य राज्यों की तरह से। कई विधायक तो रेंट पर ही रहते हैं। हां, मंत्रियों को बंगले मिल जाते हैं। वरिष्ठ पत्रकार शशि झा कहते हैं कि आप के नेता और विधायक जनता के काम करने से ज्यादा अपने मसलों को हल करने में बिजी हैं। ये शर्मनाक हालत है।













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