Mizoram Counting: मतगणना की तारीख बदलने के लिए मिजोरम में क्यों हो रहे थे प्रदर्शन?
Mizoram Assembly Election Result 2023: मिजोरम में 3 दिसंबर को होने वाली वोटों की गिनती से पहले मतगणना की तारीख बदलने की मांग को लेकर पूरे राज्य में प्रदर्शन हो रहे थे। आखिरकार चुनाव आयोग ने 3 दिसंबर की जगह 4 दिसंबर को काउंटिंग कराने का फैसला किया है।
इससे पहले शुक्रवार को मिजोरम के एनजीओ कोऑर्डिनेशन कमेटी (NGOCC) ने पूरे राज्य में प्रदर्शन किया और रविवार को होने वाली वोटों की गिनती को रोकने की मांग की।

एनजीओसीसी की ओर से पूरे प्रदेश में प्रदर्शन
एनजीओसीसी राज्य के प्रमुख सिविल सोसाइटी संगठनों और छात्र संगठनों का संयुक्त संगठन है। इसमें प्रभावी सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (CYMA) और मिजो जिरलाई पॉल (MZP) भी शामिल हैं।
मतगणना की तारीख बदलने की कर रहे थे मांग
इंफाल में शुक्रवार को राजभवन के पास एक रैली को संबोधित करते हुए एनजीओसीसी के चेयरमैन लालह्मछुआना ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों, चर्चों और एनजीओ की ओर से बार-बार की अपील के बाद भी उसने मतगणना की तारीख बदलने को लेकर चुप्पी साध रखी है।
रविवार के दिन मतगणना टालने की मांग
इनके मुताबिक रविवार ईसाइयों के लिए पवित्र दिन है और मिजोरम एक ईसाई बहुल प्रांत है। एनजीओसीसी के चेयरमैन के मुताबिक इनका एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में दिल्ली जाकर भी चुनाव आयोग के अधिकारियों से इस पर चर्चा करके आया है।
'मिजो समुदाय और उनके धर्म की रक्षा के लिए प्रदर्शन'
इससे पहले उनका आरोप था कि, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय चुनाव आयोग इस मुद्दे पर चुप है और हमारी अपीलों पर ध्यान देने में नाकाम रहा है।' लालह्मछुआना सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन के भी अध्यक्ष हैं। उनके मुताबिक उनका प्रदर्शन सिर्फ मिजो समुदाय और उनके धर्म की रक्षा के लिए किया गया है।
उन्होंने राजनीतिक दलों से रविवार को अपना पार्टी दफ्तर बंद रखने और अपने प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों को विरोध के तौर पर मतगणना केंद्रों पर नहीं भेजने की भी गुजारिश की थी।
इस मांग के समर्थन में कई मिजो संगठन आगे आए थे और वे इस रैली में शामिल हुए । इनकी शिकायत मुख्य रूप से राज्य निर्वाचन अधिकारी मधुप व्यास से थी, जिनको लेकर इनका आरोप था कि तारीख बदलने की उनकी मांग को वे कथित तौर पर गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
राज्य में कुल 13 मतदान केंद्रों पर 40 काउंटिंग हॉल तैयार किए गए हैं, जहां रविवार को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होनी थी। वोटों की गिनती के काम के लिए 4,000 से ज्यादा मतगणनाकर्मी लगाए जाने हैं, जिनके लिए 300 ईवीएम टेबल और 56 पोस्टल बैलट टेबल की व्यवस्था की गई है। लेकिन, अब यह काम 4 दिसंबर को होगा।
मिजोरम विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण में ही 7 नवंबर को मतदान हुआ था, जिसमें राज्य के 8.57 लाख वोटरों में से 80% से ज्यादा ने वोट डाले थे। राज्य की कुल 40 विधानसभा सीटों पर 174 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला अब सोमवार को होना है।
इस चुनाव में सत्ताधारी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF), मुख्य विपक्षी पार्टी जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) और कांग्रेस ने सभी 40 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। बीजेपी 23 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और आम आदमी पार्टी (AAP) ने 4 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इनके अलावा 27 निर्दलीय भी चुनाव मैदान में हैं।
2018 के चुनाव में एमएनएफ को 26, जेडपीएम को 8, कांग्रेस को 5 और बीजेपी को 1 सीट मिली थी। (इनपुट-पीटीआई)












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